पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की दो टूक: 'जनाधार वाले नेता को ही मिले राज्यसभा का टिकट'
भोपाल।
मध्य प्रदेश में जल्द ही तीन सीटों के लिए राज्यसभा का निर्वाचन होना है लेकिन कांग्रेस की एक सीट के लिए कांग्रेस पार्टी को माथा पच्ची करनी पड़ रही है जबकि विधायकों की संख्या के आधार पर दो सीट बीजेपी को जा रही है और तीसरी कांग्रेस को, कांग्रेस के बड़े नेता एक सीट के लिए अपने-अपने दावे कर चुके हैं जबकि पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह का कहना है कि इसका निर्णय हाई कमान को करना है लेकिन जनाधार वाले नेता को राज्यसभा भेजना चाहिए। सत्ता द्वारा कांग्रेस के विधायकों को जबरदस्ती फंसाया जा रहा।
उधर कांग्रेस के इस बयान पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस को एक सीट भी मिल जाए यह बड़ी बात होगी। आपसी लड़ाई और जो बयान आ रहे हैं उससे यही पता चलता है कि बहुत से नेता एक सीट के लिए तैयार है और कांग्रेस का नेतृत्व निर्णय नहीं कर पा रहा है। कभी सज्जन सिंह, कभी दिग्विजय सिंह तो कभी गोविंद सिंह जनाधार की बात करते हैं। वहीं क्रॉस वोटिंग के डर को लेकर मीडिया प्रभारी ने कहा कि जिस नेतृत्व को ही अपने ही नेताओं के जनाधार होने पर शक हो। नेताओं की प्रतिबद्धता पर संदेह हो उस पार्टी का स्तर क्या हो सकता है। ऐसे में जिस नेतृत्व को अपने नेताओं के टूटने का डर हो उन नेतृत्व को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

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