ग्वालियर।  
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंगलवार को दतिया जिले के भांडेर क्षेत्र का दौरा विकास और जनसंवाद के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान उन्होंने 62 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 10 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्र को नई सौगात दी। इन परियोजनाओं से शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 2:22 बजे हेलीकॉप्टर से बेरछ रोड स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। यहां से मंडी प्रांगण की ओर जाते समय उन्होंने बिछरेटा गांव में एक किसान के खेत पर रुककर कृषि कार्यों का निरीक्षण किया। खेत में स्ट्रा रीपर मशीन को काम करते देख मुख्यमंत्री ने स्वयं ट्रैक्टर पर बैठकर मशीन की कार्यप्रणाली समझी और किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे उत्पादन बढ़ेगा और लागत में भी कमी आएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री मंडी प्रांगण पहुंचे, जहां उनका जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उन्होंने अवलोकन किया और पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। पराली न जलाने की अपील
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, युवाओं और महिलाओं के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए सुपर सीडर जैसी वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है, जो दीर्घकालीन कृषि के लिए आवश्यक है।
भांडेर में बनेगा छात्रावास 
इस अवसर पर जिन प्रमुख कार्यों की सौगात दी गई, उनमें पीजी कॉलेज दतिया में विज्ञान भवन एवं कैंटीन, संदीपनी उत्कृष्ट विद्यालय भांडेर, ततारपुर स्टेडियम, पुलिस लाइन में नवीन कार्यालय भवन, पंडोखर धाम और रामगढ़ माता मंदिर के पास विश्राम गृह का निर्माण शामिल है। इसके अलावा माता रतनगढ़ योजना के अंतर्गत यात्री निवास का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने करीब 7 करोड़ रुपए से अधिक लागत के दो नए कार्यों का शिलान्यास भी किया, जिनमें रतनगढ़ माता मंदिर पर विद्युत उपकेंद्र और भांडेर में छात्रावास निर्माण शामिल हैं। इन योजनाओं से क्षेत्र में शिक्षा और पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा सहित अन्य अधिकारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी में सक्रिय रहे।