ग्वालियर। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर मंच से संबोधन के दौरान हल्की जुबानी चूक को लेकर चर्चा में आ गए। ग्वालियर जिले के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में उन्होंने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम लेते समय गलती से उन्हें ‘नरोत्तम शर्मा’ कह दिया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने तुरंत अपनी भूल सुधार ली। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवग्रह शक्ति पीठ के निर्माण और विकास में नरोत्तम मिश्रा की भूमिका की सराहना की और क्षेत्र के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह के दौरान प्रसिद्ध कथावाचक कुमार विश्वास ने भी कथा वाचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री को संदेश देते हुए कहा, “आप मुख्यमंत्री बने हैं, लोगों को आनंद मिलेगा, लेकिन जब अपयश पीने का समय आएगा तो वह भी आपको ही पीना पड़ेगा। आप शंकर के प्रतिनिधि हैं, शंकर के लोक से आए हैं।” कुमार विश्वास के इस बयान को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कई लोग इसे सत्ता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों और चुनौतियों की ओर संकेत मान रहे हैं। संदेश साफ है—सत्ता में जहां अमृत मिलता है, वहीं विष भी साथ आता है, और नेतृत्व को दोनों का सामना करना पड़ता है।