ग्वालियर। 
एसडीएम के खौफ के कारण बेटी हमेशा सहमी रहती है। वह सस्पेंड होने के बाद भी राजीनामा करने की धमकी दे रहा है। कह रहा है कि मामला खत्म नहीं किया तो लड़की की जिंदगी नरक बना दूंगा। ये कहते हुए उस महिला की आंखों में डर साफ दिखता है, जिसकी बेटी को परेशान करने वाले सबलगढ़ एसडीएम अरविंद माहौर को मुख्यमंत्री के आदेश पर निलंबित कर दिया गया था। मुरैना कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित परिवार ने कलेक्टर अंकित अस्थाना से एसडीएम माहौर की शिकायत वीडियो समेत की थी। उन्होंने एसडीएम पर बेटी से फोन पर गालीगलौज करने और देवर की दुकान पर पहुंचकर धमकी देने का आरोप लगाया था। कलेक्टर को दिए गए वीडियो में एसडीएम अभद्र भाषा में बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। निलंबन होने के बाद एसडीएम माहौर ने रात में दफ्तर खोला और 6 पटवारियों के ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, इनमें से 4 पर कलेक्टर ने रोक लगा दी थी। एसडीएम माहौर पहले भी विवादों में रहे हैं, जिनमें जनसुनवाई में फरियादी को थप्पड़ मारने की धमकी देना और चपरासी से मारपीट करना शामिल है।
धमकी दी थी- झूठे केस में फंसा दूंगा
शिकायतकर्ता महिला और उसके पति ने बताया कि एसडीएम माहौर ने उनकी बेटी का मोबाइल नंबर पता कर लिया था। वह पिछले दो साल से देर रात फोन कर गलत बातें करता है। जब उनकी बेटी ने फोन उठाना बंद कर दिया तो रिश्तेदारों को फोन पर धमकाने लगा। एसडीएम ने सबलगढ़ में देवर की दुकान पर पहुंचकर धमकी दी कि तेरी बेटी और तेरी भाभी में बहुत गर्मी है, झूठे केस में फंसा दूंगा। मुझसे बड़ा कोई अधिकारी नहीं है। शिकायत में महिला ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार सामूहिक आत्महत्या को मजबूर हो जाएगा।