ग्वालियर।
 भाजपा के दिग्गज विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने कहा है कि भिंड में भाजपा विधायक और कलेक्टर के बीच हुआ विवाद अधिकारियों द्वारा जनता की समस्यायें न सुनने का परिणाम है। यदि अधिकारी जनता की बात सुनते तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होती। लोधी ने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी निरंकुश हैं तो सरकार को टेरामाइसिन का इंजेक्शन लगाना चाहिये। लोधी ने कहा कि हम विधायक भी भिंड कलेक्टर की मनमानी व विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह से उनके साथ किये गये व्यवहार पर मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव व प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मिलकर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच चले विवाद के बाद अब माहौल और गरमा गया है। इस पूरे मामले में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी खुलकर कुशवाह के समर्थन में सामने आए हैं और भिंड कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की हैं। विधायक लोधी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक कुशवाह के साथ गलत व्यवहार किया है, जो किसी भी जनप्रतिनिधि का अपमान है। उन्होंने कहा “हम विधायक जनता के प्रति जवाबदेह हैं, जनता हमें चुनकर विधानसभा भेजती है। लेकिन अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ मनमाना व्यवहार कर रहे हैं। सरकार को ऐसे निरंकुश अधिकारियों पर लगाम कसनी चाहिए।” अपने बयान में प्रीतम लोधी ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा  “अफसरों को टेरामाइसिन का इंजेक्शन लगाना जरूरी है, ताकि वे अपना रवैया सुधारें। यदि आईएएस लॉबी मुख्यमंत्री के पास जाकर विधायकों की शिकायत करती है, तो विधायक भी जनता की समस्याओं और अफसरों की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री के पास जाएंगे।”
लोधी ने यह भी दोहराया कि विधायक कुशवाह के साथ अन्याय हुआ है और उनकी लड़ाई सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता की आवाज की लड़ाई है। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारी भूलें नहीं कि विधायक जनता की अदालत से चुने जाते हैं और जनता के हितों के लिए संघर्ष करना ही जनप्रतिनिधि का धर्म है और जनता को हमें उनकी मांगों व समस्याओं पर जबाब भी देना होता हैं। लोधी का यह बयान जिले में चल रहे विवाद को और तेज कर रहा है और यह साफ संदेश दे रहा है कि विधायक कुशवाह अकेले नहीं हैं, बल्कि पार्टी के अन्य विधायक भी उनके समर्थन में खड़े हो रहे हैं।