मप्र के ग्वालियर में नया कारनामा... रिटायर अधिकारियों ने संविदा पर आकर हथिया लिए बड़े पद
ग्वालियर।
ग्वालियर नगर निगम में अधिकारी सेवानिवृत होने के बाद मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और बड़े अधिकारियों से जुगाड़ लगाकर फिर संविदा पद पर आ रहे हैं और मलाईदार या बड़ा पद हथिया कर मौज कर रहे हैं। इन अफसरों ने नियमों को ताक पर रखकर निगम के कार्यशाला विभाग से गाड़ी भी अपने लिए ले रखी है। इस इस व्यवस्था से नए लोगों को मौका नहीं मिल पा रहा है। सेवानिवृति के बाद फिर बड़ा पद हथियाने वाले अफसरों का शहर के विकास कार्य से कोई लेना देना नहीं है, न ही लोगों की समस्याओं व निगम का खजाना भरने से मतलब है। इससे निगमकर्मियों व अफसरों में आक्रोश पनप रहा है, क्योंकि आगामी 2025-26 में भी कई अधिकारी- कर्मचारी निगम से सेवानिवृत होने वाले हैं, यह भी संविदा पर निगम में वापस आने की जुगाड़ में लगे हुए हैं।
रिटायरमेंट के बाद ये अफसर आए संविदा पर
- डॉ. अतिबल सिंह यादव
- मूल पद-अधीक्षण यंत्री
- वर्तमान में- फायर में उपायुक्त, विद्युत व जनकार्य में अधीक्षण यंत्री
- आरके शुक्ला
- मूल पद- सहायक यंत्री
- वर्तमान में- कार्यपालन यंत्री ग्वालियर विस सीवर व पानी और अमृत योजना फेज-2 में कार्यपालन यंत्री
- लल्लन सेंगर
- मूल पद-उपयंत्री
- वर्तमान में-नोडल अधिकारी सीवर पीएचई
- महेंद्र शर्मा
- मूल पद- सहायक वर्ग-03
- वर्तमान में- एपीटीओ संपत्तिकर व राजस्व में सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ)
आगामी वर्षों में ये होने वाले हैं सेवानिवृत
एपीएस जादौन, सिटी प्लानर, संजय गोयल, कार्यालय अधीक्षक सामान्य प्रशासन, एपीएस भदौरिया उपायुक्त, सतपाल सिंह चौहान उपायुक्त, राजेंद्र शर्मा एई, सुशील कटारे कार्यपालन यंत्री सहित अन्य हैं।
इधर शहरवासी सीवर की समस्या से परेशान
नगर निगम में संविदा पर आए नोडल अधिकारी लल्लन सिंह सेंगर, डॉ. अतिबल सिंह यादव, आरके शुक्ला व महेंद्र शर्मा ने बड़ा पद हथिया लिया है, वहीं निगम की कार्यशाला से गाड़ी भी ले ली है। जबकि शहरवासियों को न तो सीवर से राहत मिल पा रही है, न ही जलकर व संपत्तिकर की वसूली हो पा रही है। खास बात यह है कि आए दिन लोग आयुक्त से शिकायत करते हैं कि नोडल अधिकारी लल्लन सेंगर का फोन ही नहीं उठता है, इससे सीवर की समस्या अधिक बढ़ रही है।

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