ग्वालियर। 
ग्वालियर में नशा मुक्ति केन्द्र में पंजाब नेशनल बैंक के फील्ड ऑफिसर की मौत की परतें अब डिटेल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलने लगी हैं। तीन डॉक्टर के पैनल ने पंकज के शव का पोस्टमॉर्टम किया था। अब डिटेल रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंची है। मृतक के शरीर पर सिर से लेकर पांव तक 16 चोट उसकी मौत की वजह बनी हैं। सबसे ज्यादा चोट सिर और पसलियों में है। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर पैनल के अनुसार माथे के मध्य भाग पर 3 गुणा 2 सेंटीमीटर का लाल रंग का घाव था, जो बिल्कुल ताजा था। जब पोस्टमॉर्टम के दौरान सिर का विच्छेदन किया गया तो सिर के आगे व ऊपर बड़ा घाव है। साथ ही सूजन भी है। यह घाव सिर में डंडा लगने और घूसे मारने पर हुए हैं। इसके अलावा 7वीं और 8वीं पसलियों में फैक्चर है। बांए फेफड़े पर 4 बाई 5 सेंटीमीटर से लेकर 1 बाई 1 सेमी के कई घाव हैं। डिटेल रिपोर्ट में साफ किया गया है कि यह चोट ऐसी प्रतीत होती हैं कि जैसे बांधकर उसे बेरहमी से पीटा गया है। सिर की तीन और फेफड़े की 6 चोट से उसकी जान गई है। पीएम की डिटेल रिपोर्ट के बाद पुलिस उसे भी जांच में शामिल कर रही है। इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, शेष चार आरोपियों की तलाश जारी हैं।
चश्मदीद सतेन्द्र चौहान बोला- नंगा कर डंडों से पीटा
मामले में मिली गोल्डन संस्कार नशामुक्ति केंद्र में भर्ती पहाडगढ़ मुरैना निवासी सतेन्द्र सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि 12 अगस्त की रात 3 बजे पंकज शर्मा अपने साथियों शत्रुघन तोमर, प्रवीन राजावत, प्रदीप किरार, लकी बंसल, सतेन्द्र रावत, समीर एवं जितेन्द्र पाल बिना बताए भाग गए थे। जिसके बाद नशामुक्ति केन्द्र के संचालक विशाल कांकर, हर्ष शिंदे, रवि तोमर, धर्मेंद्र जादौन, कृष्ण मुरारी काले रंग की स्कॉर्पियो से 13 अगस्त की शाम 7 बजे उनको लेकर वापस लौटे थे।
इसके बाद रात 1.30 बजे के बाद लड़कों को बुलाया। यहां रवि तोमर हाथ में डंडा लिए हुए था। यहां पंकज को भागने का मास्टर माइंड मानकर उसे नंगा कर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। उसके हाथ-पैर, सिर व सीने पर डंडे, लात-घूसे मारते रहें। उसकी चीख कुछ ही देर में सिसकियों में बदल गई तो उसे लेकर हॉस्पिटल भागे, लेकिन वह पहले ही दम तोड़ चुका था।
नशामुक्ति केन्द्र में बंद दीपक बोला- हाथ, पैर बांधकर पीटा
मिनी गोल्डन संस्कार नशामुक्ति केंद्र में भर्ती दीपक राजावत ने कहा कि हमें भी वहां बंधक बनाकर रखा गया था। मेरी आंखों के सामने पूरा वाकया हुआ है। पंकज को निर्वस्त्र करने के बाद हाथ-पैर बांधकर मारा पीटा गया। पंकज रो रहा था, लेकिन वे लोग रुक नहीं रहे थे। उसकी लाख मिन्नतों के बाद भी नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों ने उसे नहीं छोड़ा। हम बीच में बोलते तो हमें भी मारते। हम चाहते हैं आरोपियों को सजा मिले, पंकज निर्दोष था।