गुना। 
गुना जिले के रूठियाई क्षेत्र में 19 मार्च को गुजरात के एक व्यापारी की कार से 1 करोड़ रुपए पकड़ने और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पगारा टोल नाके के रिकॉर्ड के अनुसार, रिश्वत के पैसे वापस लेने के लिए व्यापारी की गाड़ी (GJ 05 RK 9351) 20 मार्च को दोबारा 5 घंटे के लिए गुना आई थी। टोल नाके की एंट्री के मुताबिक, यह कार शाम 4:15 बजे रूठियाई की तरफ आई और रात 9:29 बजे वापस ब्यावरा की तरफ निकली। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें पैसे वापस लौटाए और गाड़ी गुजरात रवाना हो गई।
इस मामले में निलंबित किए गए चारों पुलिसकर्मियों ने जांच अधिकारियों के सामने स्वीकार कर लिया है कि चेकिंग के दौरान गाड़ी में भारी मात्रा में कैश मिला था और उन्होंने पैसे लिए थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी बड़ी रकम मिलने की सूचना इनकम टैक्स विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी गई। फिलहाल मामले की जांच प्रशिक्षु आईपीएस आयुष जाखड़ कर रहे हैं।
पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए पूर्व एसपी अंकित सोनी को हटा दिया गया है और नई एसपी आईपीएस हितिका वसल ने पदभार ग्रहण कर लिया है। बता दें कि 19 मार्च की रात चेकिंग के दौरान कार में 1 करोड़ रुपए मिले थे, जिसे पुलिसकर्मियों ने 20 लाख रुपए लेकर छोड़ दिया था। मामला उजागर होने पर ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी ने जांच की और थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन को सस्पेंड कर दिया है।