गुना। 
गुना के एसपी अंकित सोनी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह आईपीएस हितिका वासल को जिले की नई कमान सौंपी गई है। यह पूरी कार्रवाई 19 मार्च को एक व्यापारी की कार से 1 करोड़ रुपये पकड़ने और फिर 20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने के विवाद में की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि अभी एक हफ्ते पहले ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक अन्य मामले में अंकित सोनी के काम की तारीफ की थी।
पूरा मामला 19 मार्च की रात करीब 10:30 बजे का है, जब रूठियाई चौकी क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान एक जीरा व्यापारी की गाड़ी से 1 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। आरोप है कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय 20 लाख रुपये की रिश्वत ली और गाड़ी को छोड़ दिया। अगले दिन 20 मार्च को जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन आया, तब आनन-फानन में रिश्वत के पैसे वापस किए गए।
एसपी अंकित सोनी पर गाज गिरने की दो मुख्य वजहें सामने आई हैं। पहली यह कि उन्हें 20 मार्च को ही इस पूरे लेनदेन की जानकारी मिल गई थी, लेकिन उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों यानी पुलिस मुख्यालय (PHQ) को इसकी सूचना नहीं दी। दूसरी बड़ी लापरवाही यह रही कि भ्रष्टाचार की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर अपने स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी 'हकीकत छिपाने' और 'लापरवाही' के चलते सरकार ने उन्हें हटाने का फैसला लिया। फिलहाल मामले की विभागीय जांच शिवपुरी के करेरा एसडीओपी आईपीएस आयुष जाखड़ को सौंपी गई है और आरोपी चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।