राघौगढ़। 
राजनीति के मैदान में अक्सर विरोधियों पर तीखे तीर छोड़ने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। राघौगढ़ की सड़कों पर जब जयवर्धन खुद हलवाई की भूमिका में नजर आए, तो कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। विधायक जयवर्धन सिंह ने खुद अपने हाथों से कढ़ाई से गरमा-गरम कचौरियां निकालीं और कार्यकर्ताओं को परोसीं। इस दौरान वे किसी मंझे हुए दुकानदार की तरह कहते सुनाई दिए— "गरमा-गरम कचौरी है, भजिए भी हैं!"
दांतों पर मजाक और ठहाकों का दौर
कचौरी खिलाने के दौरान माहौल तब बेहद खुशनुमा हो गया जब एक बुजुर्ग कार्यकर्ता ने कचौरी के लिए हाथ बढ़ाया। जयवर्धन ने मुस्कुराते हुए मजाक में कहा— "अरे, आपके तो दांत ही नहीं हैं!" विधायक की इस हाजिरजवाबी पर वहां मौजूद लोग पेट पकड़कर हंसने लगे। राजनीति की गंभीरता के बीच इस सहज संवाद ने कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया।
कचौरी के बहाने ‘गैस संकट’ पर सियासी वार
जयवर्धन सिंह ने इस दौरान केवल स्वाद का जादू नहीं बिखेरा, बल्कि बड़ी चतुराई से एलपीजी (LPG) के बढ़ते दामों और गैस संकट पर सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजकल जनता के बीच सबसे ज्यादा चर्चा गैस सिलेंडर की ही हो रही है। जवाब में कार्यकर्ताओं ने भी चुटकी ली और कहा— "चिंता मत कीजिए साहब, ये कचौरियां तो लकड़ी वाली भट्ठी पर बनी हैं।" लोग अब इस वीडियो और घटनाक्रम को देखकर कह रहे हैं कि जनता के दिल में बने रहने के लिए कभी सड़क पर उतरना पड़ता है, तो कभी कचौरी और भजिए भी खिलाने पड़ते हैं।