धार। 
मप्र हाईकोर्ट खंडपीठ इंदौर के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला 24 मार्च को एक दिवसीय दौरे पर धार आएंगे। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन ऐतिहासिक भोजशाला का इतिहास जानने के लिए परिसर का निरीक्षण करते हुए मुआयना करेंगे। जिला प्रशासन को तय कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना मिल गई है, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस जवानों सहित अधिकारियों की डयूटी लगा दी है। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे तक न्यायमूर्ति शुक्लाु धार पहुंच जाएंगे, सर्किट हाउस से सीधे वाहनों का काफिला भोजशाला पहुंचेगा। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारी सहित प्रशासन की टीम मौजूद रहेगी। साथ ही नौगांव स्थित किले में बने म्यूजियम पर भी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, क्योंकि यहां पर भी वर्षों पुराने अवशेष संरक्षित कर रखे गए हैं। यहां पर भी जज का निरीक्षण भोजशाला के बाद हो सकता है।
2022 में दायर की गई थी याचिका
दरअसल भोजशाला को लेकर वर्ष 2022 में याचिकाकर्ताओं ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा हाईकोर्ट इंदौर में याचिका प्रस्तुत की गई थी। इसमें आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा 98 दिन का सर्वे कर 2189 पेजों की सर्वे रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की थी। इसके बाद न्यायालय द्वारा सभी पक्षों से सुझाव एवं आपत्ति बुलाई थी। गत दिनों प्रकरण की सुनवाई के दौरान ही न्यायाधीश ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की बात कही थी, जिसके तहत ही न्यायमूर्ति मंगलवार को धार आएंगे। इधर हिंदू समाज भी प्रति मंगलवार की तरह सुबह के समय भोजशाला में नियमित सत्याग्रह के लिए एकत्रित होंगे। ऐसे में आज का दिन भोजशाला के लिए अहम दिन साबित होगा। वहीं सभी पक्षों को आपत्ति एवं सुझाव देने के लिए एक अवसर और दिया गया था अब प्रकरण की आगामी सुनवाई 2 अप्रैल से शुरू होगी।
चुनरी ओढ़ाई जाएगी
भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार 24 मार्च को भोजशाला में सुबह 9 बजे नियमित पूजा अर्चना की जाएगी। इस दौरान मां वाग्देवी को नवरात्रि पर्व होने के कारण चुनरी भी ओढ़ाई जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति भी वहां मौजूद रहेगी। बताया जाता है कि इसके बाद शाम को 5 बजे भोजशाला में संध्या आरती भी संपन्न की जाएगी।