धार।
भोजशाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर कई निर्देश दिए हैं। इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है। साथ ही उसी दिन नमाज भी है। अब सुप्रीम कोर्ट ने दोनों चीजों के लिए तारीख तय कर दी है। नमाज के लिए एक बजे से तीन बजे तक का समय रखा गया है। वहीं, सुबह 12 बजे तक बसंत पंचमी की पूजा होगी। साथ ही प्रशासन को सख्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को हिंदू करते हैं पूजा
दरअसल, धार स्थित भोजशाला में मां वाग्देवी की प्रतिमा है। यह पुरातत्व विभाग के अधीन है। हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोगों का अपन-अपना दावा है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार हिंदू समाज के लोगों को हर मंगलवार को पूजा करने की इजाजत है। वहीं, मुस्लिम समाज के लोगों को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की इजाजत है। वहीं, इस बार जूमे के दिन ही बसंत पंचमी पड़ा रहा है। इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मंदर परिसर में अलग पूजा की व्यवस्था होगा। आने-जाने के रास्ते भी अलग बनाए जाएं। साथ ही कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े। परिसर में आने वाले लोगों के लिए विशेष पास जारी किए जाएं। एमपी सरकार को बैरकेडिंग के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भोजशाला परिसर में पूजा को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। भारी संख्या में वहां जवानों की तैनाती की गई। ड्रोन से लेकर सीसीटीवी कैमरों से वहां नजर रखी जा रही है। बाहर के जिलों से भी अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। पूर्व में भी पूजा और नमाज के साथ धार भोजशाला में होते रहे हैं। गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर मांग की गई थी कि हिंदुओं को ही उस दिन विशेष पूजा की अनुमति दी जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को अनुमति दी है।