दतिया। 
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच ग्वालियर के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने बड़ा राजनीतिक संकेत देते हुए चुनावी मैदान में अप्रत्यक्ष रूप से उतरने का ऐलान कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनकी ओर से समर्थित प्रत्याशी दतिया उपचुनाव में उतारा जाएगा। अनिल मिश्रा ने साफ कहा कि वे किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेंगे और उनका उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरेगा। उन्होंने दावा किया कि दतिया में इस चुनाव के जरिए “सवर्ण समाज की ताकत” दिखाई जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ प्रत्याशी खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही चुनाव का नोटिफिकेशन जारी होगा, दतिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी और उनकी करीब ढाई सौ लोगों की टीम चुनावी रणनीति के साथ मैदान में सक्रिय होगी। इधर, दतिया की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बैंक फ्रॉड मामले में सजा मिलने के बाद विधायकी गंवा चुके पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिल सकी है। उनकी अपील पर सुनवाई एक बार फिर टल गई है और अब अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी। बताया जा रहा है कि लगातार तीसरी बार सुनवाई टलने से राजेंद्र भारती की राजनीतिक वापसी की संभावनाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वहीं दूसरी ओर चुनावी तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद दतिया विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाओं की रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। ऐसे में अब राजनीतिक दलों के साथ-साथ नए समीकरण बनाने वाले चेहरे भी सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं।