दतिया। 
मध्यप्रदेश की राजनीति में दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद यहां उपचुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने निर्वाचन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी बीच प्रदेश की सियासत में उस समय नई हलचल पैदा हो गई, जब दतिया से पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीर खुद विधानसभा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा — “पूर्व मंत्री, मध्यप्रदेश शासन डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी ने आज विधानसभा में सौजन्य भेंट की...” हालांकि इसे औपचारिक मुलाकात बताया गया, लेकिन दतिया उपचुनाव की संभावनाओं के बीच इस भेंट के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा दतिया सीट को प्रतिष्ठा का चुनाव मानकर रणनीति तैयार कर रही है। दरअसल, दतिया वही सीट है जहां पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कड़े मुकाबले में हराया था। मिश्रा लंबे समय तक इस क्षेत्र की राजनीति का मजबूत चेहरा रहे हैं और उनकी हार को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना गया था। अब जब अदालत के फैसले के बाद सीट खाली हुई है, तो भाजपा इसे वापसी के मौके के तौर पर देख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की सीधी लड़ाई बन सकता है। खासकर नरोत्तम मिश्रा और राजेंद्र भारती के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इस चुनाव को और दिलचस्प बना रही है। फिलहाल सभी की नजर चुनाव आयोग की घोषणा और भाजपा-कांग्रेस की रणनीति पर टिकी हुई है। दतिया का सियासी रण एक बार फिर गर्माने लगा है।