डबरा। 
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड में 4 करोड़ रुपए के सोने की हेराफेरी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। उनके भरतपुर स्थित आवास से लगभग 4 किलो 100 ग्राम सोना बरामद किया गया है।यह मामला 25 तारीख को सामने आया, जब मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड के प्रबंधक, विजिलेंस टीम और अन्य कर्मचारी डबरा सिटी थाने पहुंचे। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि बैंक से 4 किलो 380 ग्राम असली सोने को नकली सोने से बदल दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। कंपनी प्रबंधन ने मैनेजर चंद्रभान कुशवाहा और असिस्टेंट मैनेजर विकास शर्मा को मुख्य संदिग्ध बताया। पुलिस ने विकास को पहले ही दिन हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने कंपनी के कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सामने आया कि रविवार को विकास कार्यालय पहुंचा था और उसने गार्ड को किसी काम से बाहर भेज दिया था। उस दौरान बैंक का सीसीटीवी भी बंद पाया गया।
पिता के घर से बरामद किया सोना
पुलिस का शक विकास पर गहराया और सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि चोरी किए गए जेवरात भरतपुर में उसके पिता के पास हैं। थाना प्रभारी यशवंत गोयल के नेतृत्व में एसआई राजीव विरथरे, सुरेश कुशवाहा, एएसआई रणवीर सिंह, प्रधान आरक्षक रामबरन लोधी, आरक्षक अविनाश पटसारिया, जितेंद्र रिछारिया, मिंटू परिहार और विनोद रावत की टीम ने भरतपुर में दबिश दी।
टीम ने विकास के पिता महेश शर्मा को भी गिरफ्तार किया और उनसे 4 किलो 100 ग्राम सोना बरामद किया। यह सिटी पुलिस द्वारा अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
ऐसे गहराई विकास पर शक की सुई
पूरे मामले में किरदार मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर थे, क्योंकि इन दोनों के पास लॉकर की चाबी रहती थी। गुरुवार 25 सितंबर से 2 दिन पहले ही विकास शर्मा ने अपने पद से रिजाइन दिया था। जिसके चलते शक सबसे ज्यादा विकास पर गहरा रहा था। विकास पुलिस की गिरफ्त में भी था पर पुलिस को वह गुमराह कर रहा था। सीसीटीवी देखें तो जानकारी निकल कर आई कि वह रविवार के दिन भी ऑफिस पहुंचा था। उसके बाद उसके आगरा से ज्वैलरी खरीदने के साक्ष्य भी मिले। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस भरतपुर पहुंची और 4 किलो सोना बरामद कर लिया।