छिंदवाड़ा। 
छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव की सभा के बाद हुआ हादसा अब सियासी मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर छिंदवाड़ा के जनपद पंचायत सीईओ का लेटर शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि जब जनता न आए तो जबरन लाई जाए, अन्यथा निचले कर्मचारी सजा के हकदार हो जाएंगे। कांग्रेस ने मामले में मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है। उनसे पूछा है कि क्या इसमें आपकी सहमति थी। मध्य प्रदेश की जनता पर रहम खाइये। अपने प्रचार की भूख का उन्हें शिकार मत बनाइए। कांग्रेस ने कहा- मुख्यमंत्री जी नैतिकता तो पहले दिन से नहीं है...संवेदना भी समाप्त हो चुकी 
लेटर में कार्रवाई की चेतावनी का भी जिक्र
कांग्रेस ने जो लेटर शेयर किया है, वह जनपद पंचायत मोहखेड़ के सीईओ डीके करपेती के नाम से जारी किया गया है, जिसमें ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को निर्देश दिए गए थे कि वे मुख्यमंत्री की सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों को लेकर आएं। पत्र में भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी का भी उल्लेख है।
हादसे में 10 लोगों की मौत, 30 से ज्यादा घायल हुए थे
गौरतलब है कि 26 मार्च को छिंदवाड़ा जिले में पिकअप वाहन से आमने-सामने की टक्कर के बाद MP 28 P 0321 नंबर की बस पलट गई थी। हादसे में दोनों गाड़ियों के ड्राइवर समेत 10 लोगों की मौत हो गई। 30 से ज्यादा घायल हो गए। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया था। कुछ यात्रियों के सिर फूट गए थे। बस छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन से लौट रही थी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे।