चंडीगढ़।  
पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। राघव चड्ढा समेत सात सांसदों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर राज्य में सियासत गर्मा गई है। नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सीएम भगवंत मान नशे में लग रहे थे। इस मुद्दे पर पंजाब में विपक्षी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल साथ आ गए हैं। कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और स्पीकर से कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया, जबकि पार्टी ने सभी विधायकों के डोप टेस्ट और PGIMER द्वारा एक स्वतंत्र मेडिकल जांच की भी मांग की। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने मांग की कि अल्कोहल टेस्ट कराया जाए।
केजरीवाल को निशाने पर लिया
विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी मान की कथित तौर पर नशे में होने के लिए आलोचना की और तत्काल डोप टेस्ट की मांग की। उन्होंने कहा कि हमें विधानसभा में आकर क्या करना चाहिए जहां मुख्यमंत्री नशे की हालत में हैं? जब राज्य का मुखिया पूरी तरह से नशे में है तो सत्र आयोजित करने का क्या उद्देश्य है? हम मांग करते हैं कि सभी का परीक्षण किया जाए। शिरोमणि अकाली दल ने भी इसी तरह के आरोप लगाए, इसे शर्मनाक बताया और मुख्यमंत्री के डोप परीक्षण की मांग की। आम आदमी पार्टी ने अभी तक आरोपों का जवाब नहीं दिया है। पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह बहुत शर्म की बात है कि भगवंतमान आज 'मजदूर दिवस' के अवसर पर विधानसभा के पवित्र कक्ष में शराब के नशे में धुत दिखे। आप खुद देख सकते हैं कि मुख्यमंत्री विधानसभा में कैसा व्यवहार कर रहे हैं।
स्वाती मालीवाल भी आक्रामक हुईं
इस मुद्दे पर स्वाती मालीवाल ने भी आप पर हमला बोला हैं। उन्होंने लिखा है कि आज फिर से पंजाब के सीएम भगवंत मान डेमोक्रेसी के मंदिर पंजाब विधानसभा में शराब के नशे में छुर लाए हैं। ये गुरु साहिब शराब पीकर जाता है, मंदिर शराब पीकर जाता है, नोमा शराब पीकर था, सरकार की बैठक में शराब पीकर जाता है, विदेश में आता है इतनी शराब पीकर मैदान से निकलता है। उन्होंने आरोप सही साबित होने पर कार्रवाई की भी मांग की। एक्स पर एक पोस्ट में मालीवाल ने कहा कि आज, एक बार फिर, पंजाब के सीएम भगवंत मान मंदिर में पहुंचे हैं।