केन-बेतवा प्रभावितों के समर्थन में उतरे राहुल गांधी: वीडियो शेयर कर बोले- 'आदिवासियों का शांतिपूर्ण सत्याग्रह कुचल रही सरकार'
भोपाल।
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित किसानों और आदिवासियों के आंदोलन का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए केंद्र और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण आदिवासियों की जमीन तो ले ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवजा मिला और न ही सम्मानजनक पुनर्वास।
सरकार सत्य और सत्याग्रह दोनों से डरती है
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि "सत्य और सत्याग्रह, दोनों से मोदी सरकार डरती है।" उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन अपनी मांगों को लेकर जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर बैठे थे, क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन उनके अधिकारों की अनदेखी की गई।
आदिवासी देश के पहले मालिक हैं
राहुल गांधी ने कहा कि "सत्य यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं। जल, जंगल और जमीन पर सबसे पहला अधिकार उन्हीं का है और उनका सत्याग्रह इसी अधिकार की रक्षा के लिए है।" उन्होंने आरोप लगाया कि आज यही अधिकार उनसे छीना जा रहा है।
प्रभावितों को मुआवजा और उचित सहारा दिया जाए
राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन कर रहे लोगों की मांग केवल इतनी है कि उन्हें आजीविका चलाने के लिए उचित सहारा और सम्मानजनक पुनर्वास दिया जाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर उनके शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस प्रभावित आदिवासी भाई-बहनों और किसानों के साथ खड़ी है तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित परिवारों को न्यायपूर्ण मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास देना ही पड़ेगा। राहुल गांधी ने जो वीडियो पोस्ट किया उसमें केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के प्रभावित आंदोलन करते नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड में एक कविता के स्वर गूंज रहे हैं। यह कविता शिक्षा पारीक की है।

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