भोपाल। 
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपना अधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट छोड़कर ऑफिस स्टाफ के हवाले कर दिया है। यही नहीं उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को सौंप दिया।
ऑफिस के नाम हुआ एक्स हैंडल
दिग्विजय सिंह का एक्स हैंडल पहले digvijaya_28 के नाम से था अब यह Ofiiceofdvs यानी ऑफिस ऑफ दिग्विजय सिंह के नाम में बदल दिया गया है।
मोबाइल नंबर भी सेक्रेटरी को दिया
दिग्विजय सिंह ने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी अपने सेक्रेटरी को दे दिया है। दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- आज से मैं अपना मोबाइल नंबर उपयोग नहीं करूंगा। यह नंबर अब मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर प्राप्त आपके महत्वपूर्ण संदेशों एवं जानकारियों से वे मुझे अवगत कराते रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
गंगा दशहरा से शुरु होगी पदयात्रा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। 20 अक्टूबर से यह यात्रा शुरु होगी। इस यात्रा में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का प्रयोग न करने का भी ऐलान किया है। शुरुआत में दिग्विजय सिंह ने भोपाल में घोषणा की थी कि वह 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक की 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। हालांकि, बाद में अपनी योजनाओं में संशोधन करते हुए उन्होंने इसे दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर से शुरू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को पड़ रहा है, इसलिए यह यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा, "मैं 80 साल का हो गया हूं। पार्टी ने मुझे 5 बार विधायक बनाया, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। अब मैंने पार्टी से कह दिया है कि मेरी जगह किसी और को मौका दें। अब मैं सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए काम करूंगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन से अयोध्या की यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी। यात्रा के दौरान वे न तो कोई राजनीतिक बयान देंगे और न ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, एक्स) पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया पोस्ट करेंगे।
कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि
दिग्विजय सिंह ने बताया था कि वे इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, अयोध्या आंदोलन के दौरान 4 गोलियां खाने वाले कारसेवक संतोष दुबे को इस यात्रा का मुख्य अतिथि बनाया जाएगा।