भोपाल, सबकी खबर। 
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से उनका विभाग वापस ले लिया। अब इन विभागों का प्रभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास रहेगा। लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग का दायित्व रहेगा। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि सरकार ने विभाग परिवर्तन के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पशुपालन एवं डेयरी विभाग के कामकाज, गौशालाओं से जुड़े मामलों तथा विभिन्न परियोजनाओं के संचालन को लेकर सरकार के स्तर पर समीक्षा चल रही थी। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा विभाग अपने पास रखना यह संकेत देता है कि सरकार संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सीधे निगरानी रखना चाहती है। वहीं विपक्ष इस फैसले को सरकार के भीतर बढ़ते असंतोष और जवाबदेही से जोड़कर देख रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी मध्य प्रदेश सरकार में कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किए जा चुके हैं। ऐसे में लखन पटेल से महत्वपूर्ण विभाग वापस लिए जाने के बाद मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग का स्थायी प्रभार किसी अन्य मंत्री को सौंपा जाएगा या मुख्यमंत्री ही इसे अपने पास रखेंगे।