भोपाल। 
आज की खबर राजनीति और अंधविश्वास के उस घालमेल की है, जिसे देखकर आप भी माथा पीट लेंगे। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के तीन ऐसे दिग्गज नेता, जिनके पास सत्ता भी थी और रसूख भी। लेकिन इन्हें शायद भगवान से ज्यादा एक दाती महाराज नाम के बाबा पर भरोसा था। वही दाती महाराज, जिन पर साल 2018 में उनकी ही शिष्या ने रेप के गंभीर आरोप लगाए, दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में FIR दर्ज हुई, मामला CBI तक गया और कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। जी हां! इसी बलात्कारी बाबा के दिल्ली वाले आश्रम में मध्य प्रदेश के तीन दिग्गज नेता अपनी कुंडली का 'शनि' ठीक कराने पहुंचे थे। बाबा ने उन्हें मालाएं पहनाईं, तंत्र-मंत्र हुआ या नहीं, यह तो वो जानें, लेकिन सहयोग देखिए... बाबा के पास शनि ठीक कराने गए इन तीन में से दो नेताओं का करियर फिलहाल पूरी तरह 'चौपट' हो चुका है!
कौन हैं वो तीन नेता? और क्या हुआ उनके साथ?

  • नरोत्तम मिश्रा (मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री)
  • लखन पटेल (मध्य प्रदेश के तत्कालीन पशुपालन मंत्री)
  • विश्वास सारंग (मध्य प्रदेश के सहकारिता और खेल मंत्री)

चर्चा थी कि इन तीनों नेताओं की कुंडली में 'शनि की अढ़ैया' चल रही थी, जिसे दूर करने ये दिल्ली दरबार पहुंचे थे। लेकिन अढ़ैया दूर होना तो दूर, पिछले 60-70 घंटों में जो राजनीतिक 'शनि' इन पर भारी पड़ा है, उसने पूरी बीजेपी को हिला कर रख दिया है।
नंबर 1: नरोत्तम मिश्रा – टिकट कटी और साख भी गई
इस टोली के पहले बड़े नेता थे पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा। 2023 का विधानसभा चुनाव वो पहले ही हार चुके थे, लेकिन हाल ही में उनकी दतिया से टिकट भी कट गई। टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने जो बवाल काटा, प्रधानमंत्री और अमित शाह मुर्दाबाद के नारे लगाए, मुख्यमंत्री को गालियां दीं, उसका ठीकरा भी नरोत्तम के सिर ही फूटा। अब बीजेपी में उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा, इस पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लग चुका है।
नंबर 2: लखन पटेल – छीन ली गई कुर्सी, हाथ में थमाई 'लॉलीपॉप'
अभी नरोत्तम मिश्रा का झटका थमा भी नहीं था कि मंगलवार देर रात दिल्ली से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास एक फोन आया। आदेश साफ था– लखन पटेल से उनके विभाग छीन लिए जाएं। आनन-फानन में उनसे पशुपालन और डेयरी पालन विभाग वापस ले लिए गए। अब वो बिना किसी बड़े विभाग के, सिर्फ 'आनंद विभाग' के मंत्री रह गए हैं। राजनीति की भाषा में कहें तो रोते हुए बच्चे के मुंह में जैसे 'लॉलीपॉप' दबा दी जाती है, वैसे ही लखन पटेल को शांत रखने के लिए यह विभाग दे दिया गया है। अगले कैबिनेट विस्तार में उनका पत्ता कटना लगभग तय माना जा रहा है।
नंबर 3: विश्वास सारंग – अब भगवान ही खैर करे!
इस पूरी त्रिमूर्ति में अब सिर्फ एक नेता बचे हैं– विश्वास सारंग। फिलहाल वो सहकारिता और खेल विभाग संभाल रहे हैं। वो बेहद चतुर राजनीतिज्ञ हैं और उनकी जमीनी पकड़ भी मजबूत है। लेकिन जब उनके दो साथियों पर बाबा का 'उल्टा आशीर्वाद' चल गया है, तो अब हम भी ईश्वर से यही कामना कर सकते हैं कि भगवान भाई विश्वास सारंग पर खैर बरते और उनका शनि सचमुच ठीक हो गया हो! एक वीडियो जो सबकी खबर के पास सुरक्षित है, जिसमें बाबा चिल्ला-चिल्लाकर डबरा के नवग्रह पीठ में आने का न्यौता दे रहे हैं। लेकिन बाबा के चक्कर में मंत्रियों का जो 'नवग्रह' बिगड़ा है, उसने यह साबित कर दिया है कि कर्मों का हिसाब जनता और आलाकमान करते हैं, बलात्कारी बाबा नहीं। तीन में से दो तो निपट गए, तीसरे का क्या होगा? नजर बनी रहेगी।