भोपाल। 
कहते हैं "पर उपदेश कुशल बहुतेरे", लेकिन जब बात देश के सबसे कद्दावर नेता की अपील की हो, तो कम से कम उनकी अपनी पार्टी के दिग्गजों को तो मर्यादा रखनी चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश की सड़कों पर जो नजारा दिख रहा है, उसे देखकर तो यही लगता है कि भारतीय जनता पार्टी के 'बड़े साहबों' के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की 'वैलिडिटी' पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
'मन की बात' में जनता का आभार, पर नेताओं का क्या?
अभी दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बेहद लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' में देश की जनता का आभार जताया था। उन्होंने गर्व से जिक्र किया था कि कैसे देश के आम नागरिकों ने उनकी पुरानी अपील को याद रखते हुए पेट्रोल और डीजल बचाने में अपना सहयोग दिया है। प्रधानमंत्री की बात को देश की जनता ने तो सिर-आँखों पर लिया, लेकिन विडंबना देखिए कि उनके अपने ही सूरमा इस अपील को धुएं में उड़ा रहे हैं।
सड़कों पर गाड़ियों की 'रेल': बैतूल से गुना तक जलवा
शुरुआती दिनों में जब यह अपील आई थी, तब फोटो खिंचवाने और सुर्खियां बटोरने के लिए कई नेता साइकिल पर भी दिखे थे। लेकिन अब वो 'दिखावा' भी खत्म हो चुका है। हालिया तस्वीरें कुछ यही गवाही दे रही हैं। 
सीएम डॉ. मोहन यादव (बैतूल): सूबे के मुख्यमंत्री बैतूल पहुंचे तो उनके पीछे गाड़ियों की इतनी लंबी कतार थी कि देखने वाले दंग रह गए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (गुना): महाराज का रसूख और काफिला वैसे भी जगजाहिर है। गुना की सड़कों पर उनके काफिले की गाड़ियों की गिनती करना आम जनता के बस की बात नहीं थी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (सीहोर): 'पांव-पांव वाले भैया' अब दिल्ली के बड़े मंत्री हैं। हाल ही में जब वे भैरूंदा (सीहोर) के दौरे पर सड़क मार्ग से निकले, तो उनके पीछे भी गाड़ियों का एक लंबा-चौड़ा रेला चल रहा था।
खरी बात: जनता करे त्याग, नेता मनाएं ठाठ!
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विरोधाभास यही है कि जब देश की आम जनता महंगाई के इस दौर में एक-एक बूंद तेल बचाने के लिए अपनी गाड़ियां घर खड़ी कर मेट्रो या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रुख कर रही है, तब जनता के इन 'सेवकों' के रसूख और ठाठ-बाठ में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है। वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बातें तो बहुत होती हैं, लेकिन जब तक ये लंबे काफिले सड़कों पर रेंगेंगे, तब तक पीएम मोदी की ऐसी हर अपील केवल फाइलों और भाषणों तक ही सीमित दिखाई देगी।