"मैं मंत्री था, डर गया था...": दीपक जोशी ने खोले निजी जिंदगी के राज, शिखा-नम्रता विवाद पर पहली बार खुलकर बोले
भोपाल, सबकी खबर।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाश जोशी के पुत्र और पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े विवादों पर पहली बार विस्तार से सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। सबकी खबर के साथ एक विशेष बातचीत में दीपक जोशी ने शिखा मित्र, नम्रता जोशी और वर्तमान पत्नी पल्लवी जोशी से जुड़े तमाम आरोपों पर अपना पक्ष रखा। दीपक जोशी ने दावा किया कि शिखा मित्र के साथ उनके संबंधों को लेकर जो बातें सामने आई हैं, वे वास्तविक वैवाहिक संबंध नहीं थे। उनका आरोप है कि वर्ष 2016 में परिस्थितियों और मानसिक दबाव के चलते उनसे जबरन फेरे करवाए गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय वे मंत्री थे और बदनामी के भय तथा सामाजिक दबाव के कारण स्थिति का विरोध नहीं कर सके। नम्रता जोशी को लेकर दीपक जोशी ने कहा कि उनसे परिचय बाद के वर्षों में हुआ। उनके अनुसार नम्रता ने पहले राजनीतिक मामलों में सहयोग के नाम पर संपर्क किया और बाद में विवाह संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। दीपक जोशी का दावा है कि विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया उनकी जानकारी और सहमति के अनुरूप नहीं थी तथा इसी कारण उन्होंने अदालत में तलाक की याचिका दायर की है। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। पूर्व मंत्री ने कहा कि नम्रता जोशी के साथ उनके वैवाहिक संबंध कभी पति-पत्नी जैसे नहीं रहे और दोनों लंबे समय तक साथ नहीं रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया और कई आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गईं, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस और साइबर सेल में की है। पल्लवी जोशी को लेकर दीपक जोशी ने कहा कि उनसे परिचय पारिवारिक मित्रों के माध्यम से हुआ। उन्होंने बताया कि दोनों ने परिवार की सहमति से आर्य समाज में विवाह किया और वर्तमान में साथ रह रहे हैं। दीपक जोशी ने कहा कि पल्लवी और उनके परिवार ने कठिन समय में उनका साथ दिया है तथा वे उनके साथ खुश हैं। राजनीतिक भविष्य पर पूछे गए सवाल के जवाब में दीपक जोशी ने कहा कि वे सक्रिय राजनीति से दूर नहीं हुए हैं और भविष्य में चुनाव लड़ने का इरादा रखते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस राजनीतिक दल से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने कांग्रेस नहीं छोड़ी है, जबकि भाजपा में उनकी वापसी को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। साक्षात्कार के दौरान दीपक जोशी ने स्वयं को "सेल्फ मेड" नेता बताते हुए कहा कि छात्र राजनीति से लेकर मंत्री बनने तक का सफर उन्होंने अपने दम पर तय किया है। उन्होंने अपने पिता कैलाश जोशी के मूल्यों और ईमानदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा उन्हीं आदर्शों का पालन करने का प्रयास किया है। गौरतलब है कि दीपक जोशी की निजी जिंदगी को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विवाद और आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं। शिखा मित्र और नम्रता जोशी द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच यह पहला अवसर है जब दीपक जोशी ने विस्तार से अपना पक्ष सार्वजनिक मंच पर रखा है। हालांकि विवाद से जुड़े कई मामले अभी न्यायालय और पुलिस जांच के दायरे में हैं, इसलिए अंतिम सत्य संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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