भोपाल।
विशेष सीबीआई अदालत ने एक चर्चित मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी मां और बेटे को भोपाल सेंट्रल जेल में अन्य कैदियों से अलग बैरक में रखने का आदेश दिया है। दरअसल, सीबीआई ने इस बार आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की। जांच एजेंसी का कहना था कि जब और जैसी जरूरत होगी, वे दोबारा रिमांड के लिए अर्जी दाखिल करेंगे। इसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का फैसला सुनाया।
आरोपी महिला ने रोते हुए लगाए गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में उस वक्त माहौल बेहद गंभीर हो गया, जब आरोपी गिरिबाला सिंह ने जज के सामने अपना दर्द बयां किया। गिरिबाला ने कहा कि इस मामले में चल रहे मीडिया ट्रायल ने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि पहले स्थानीय पुलिस और अब सीबीआई, दोनों ही सिर्फ अच्छी मीडिया कवरेज दिलाने के लिए उन्हें पत्रकारों की भीड़ के आगे धकेल देते हैं।
आरोपियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। मीडिया ट्रायल से जुड़े आरोपों के बाद कोर्ट रूम के बाहर सुरक्षा कड़ी करने और जेल में आरोपियों को सुरक्षित व अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सीबीआई विशेष कोर्ट (अदालती आदेश का अंश)

क्राइम सीन री-क्रिएशन के बहाने तमाशा
महिला आरोपी ने अदालत को बताया कि जब जांच टीम उन्हें क्राइम सीन री-क्रिएशन के लिए उनके घर ले गई थी, तो जानबूझकर गाड़ी को घर से काफी दूर रोक दिया गया। उन्हें पैदल चलने पर मजबूर किया गया ताकि बाहर खड़ी मीडिया की भीड़ उन्हें आसानी से घेर सके और तस्वीरें खींच सके। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई की विशेष जज शोभना भालेवे ने तुरंत एक्शन लिया और कोर्ट रूम के बाहर जमा सभी मीडियाकर्मियों को वहां से हटने का हुक्म दे दिया।