भोपाल। 
मध्यप्रदेश में खाली हो रही तीन राज्यसभा सीटों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक कवायद तेज कर दी है। इसी सिलसिले में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष   हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय नेतृत्व से अहम मुलाकात की। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नबीन और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से चर्चा कर मध्यप्रदेश की राजनीतिक स्थिति और संभावित उम्मीदवारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा की ओर से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों को ध्यान में रखते हुए करीब 15 नामों का एक कैटेगरी वाइज पैनल केंद्रीय नेतृत्व को सौंपा गया है। इस सूची में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम प्रमुखता से शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया समेत ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग से कई नेताओं  के नामों पर भी चर्चा हुई है। हालांकि, सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत यह माना जा रहा है कि भाजपा फिलहाल मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार उतारने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रही है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश इकाई को स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाए। इससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक पकड़ और भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखकर फैसला ले सकती है। यही वजह है कि उम्मीदवार चयन को लेकर दिल्ली स्तर पर लगातार मंथन जारी है। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 1 जून से 8 जून तक चलेगी, जबकि 18 जून को मतदान कराया जाएगा। अब सबकी नजर भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।