एमपी से राज्यसभा के लिए राहुल गांधी की पहली पसंद बनीं मीनाक्षी नटराजन! दिग्विजय की खाली सीट पर कांग्रेस खेल सकती है बड़ा दांव
भोपाल।
राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी है। कांग्रेस की यह सीट दिग्विजय सिंह के कार्यकाल समाप्त होने से खाली हो रही है। खास बात यह कि दिग्विजय सिंह ने तीसरी बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। ऐसे में भले ही कांग्रेस के पास राज्यसभा भेजने के लिए कई बड़े चेहरे हैं, लेकिन वह किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहेगी। कांग्रेस के लिए इस वक्त सबसे बड़ी कठिनाई अपने ऐसे उम्मीदवार का चयन करना है जो इस सीट पर जीत पक्की कर सकें और क्रॉस वोटिंग को रोक सके। इन उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर मीनाक्षी नटराजन और निमाड़ क्षेत्र के एक प्रमुख OBC नेता अरुण यादव, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी एक युवा नेता के रुप में शामिल हैं।
हाईकमान की बात करें तो मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी की पहली पसंद है। महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिहाज से मीनाक्षी नजराजन का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। ऐसे में महिला नेतृत्व के रुप में मीनाक्षी नटराजन को टिकट दिया जा सकता है। मीनाक्षी नटराजन पंचायत राज प्रकोष्ठ की प्रभारी होने के साथ तेलंगाना की प्रभारी हैं। खास बात यह कि वह गांधी परिवार की नजदीकी है और नटराजन को कांग्रेस विचारधारा के प्रति समर्पित नेता माना जाता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पिछली बार भी मीनाक्षी का नाम राज्यसभा के लिए फाइनल था, लेकिन कमल नाथ की जिद में ओबीसी नेता अशोक सिंह यादव को भेजा गया था। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो राज्यसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही कांग्रेस नेता अपनी अपनी दावेदारी के लिए जोर अजमाइश शुरु कर चुके हैं। कुछ लोग इस बार अनुसूचित जाति वर्ग को तो कुछ सवर्ण नेताओं को राज्यसभा भेजना चाहता है। वहीं नेतृत्व इन दिनों महिलाओं और युवाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने पर जोर दे रहा है, जिससे मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी की संभावना ज्यादा मजबूत होती है। इनके अलावा कमलनाथ जैसे अनुभवि नेता और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को एक युवा नेतृत्व को नजरअंदाज करना आलाकमान के लिए आसान नहीं होगा। इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव भी इस रेस में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, जिससे साफ है कि पार्टी के भीतर पिछड़े और युवा नेतृत्व को साधने का दबाव भी नेतृत्व पर बना हुआ है हालांकि पार्टी हाईकमान राज्यसभा किससे भेजता है ये आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो पाएगा। बता दें कि 22 मई को भारत निर्वाचन आयोग ने एमपी की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का ऐलान कर दिया है। 18 जून को वोटिंग होंगी। भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक, चुनाव की अधिसूचना 2 जून को जारी होगी। जबकि उम्मीदवार 9 जून तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 10 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। वहीं, राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। इसके तुरंत बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। बता दें कि मध्य प्रदेश में बीजेपी के दिग्विजय सिंह ,जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी की राज्यसभा सीट खाली हो रही है। इनका कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो जाएगा। इन सीटों पर नए सदस्यों के चुनाव के लिए जून में मतदान कराया जाएगा। बता दें कि देश भर में 24 सीटों पर चुनाव होगा।

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