MP में हनीट्रैप पार्ट-2 ! मिनाल रेजिडेंसी से श्वेता जैन फिर गिरफ्तार; अब शराब कारोबारी को जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग का खेल
इंदौर/भोपाल।
मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित और सियासत को हिला देने वाले 'हनीट्रैप कांड' की मुख्य विलेन रही श्वेता विजय जैन एक बार फिर सलाखों के पीछे पहुंच गई है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त और बड़े ऑपरेशन के तहत श्वेता जैन को भोपाल के मिनाल रेजिडेंसी से दोबारा दबोचा है। इस बार मामला 'हनीट्रैप पार्ट-2' का है, जिसमें इंदौर के एक बड़े शराब कारोबारी को जाल में फंसाकर करोड़ों की ब्लैकमेलिंग का खेल खेला जा रहा था।
शराब कारोबारी बना शिकार, ऐसे बुना गया पूरा जाल
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नए हनीट्रैप का शिकार इंदौर का एक बड़ा शराब कारोबारी हितेंद्र चौहान बना है। इस पूरे खेल की स्क्रिप्टिंग बेहद शातिर तरीके से की गई थी, जिसमें कई किरदार शामिल थे:
- अलका दीक्षित: शराब की तस्करी करने वाली यह महिला हितेंद्र चौहान की करीबी बनी।
- लाखन चौधरी: यह एक प्रॉपर्टी डीलर है, जो अलका के साथ मिलकर कॉकस (गिरोह) चला रहा था।
- जयदीप: अलका दीक्षित का बेटा, जो इस साजिश में बराबर का हिस्सेदार था।
- श्वेता विजय जैन: हनीट्रैप की मास्टरमाइंड, जिसने पुराने तजुर्बे के साथ इस पूरे गैंग को गाइड किया।
गैंग ने मिलकर शराब कारोबारी हितेंद्र चौहान को जाल में फंसाया, उसके आपत्तिजनक वीडियो और फोटोग्राफ्स तैयार किए और फिर शुरू हुआ डराने-धमकाने और मोटी रकम वसूलने का गंदा खेल।
खुफिया विभाग के 'प्रधान आरक्षक' का भी इस्तेमाल!
इस मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब यह बात सामने आई कि कारोबारी पर दबाव बनाने के लिए इंटेलिजेंस (खुफिया विभाग) के एक प्रधान आरक्षक विनोद कुमार का भी इस्तेमाल किया गया। अलका दीक्षित ने ये सारे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पुलिसकर्मी विनोद को दिए थे, ताकि वो कारोबारी को खाकी का रौब दिखाकर बुरी तरह डरा सके और बदनामी की धमकी देकर मुंह बंद रख सके।
आधी रात को बनी रणनीति, 40 जवानों की 7 टीमों ने बोला धावा
ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आखिरकार शराब कारोबारी हितेंद्र चौहान ने इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों को पूरी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
हाई-लेवल सीक्रेट ऑपरेशन: 17 तारीख की रात को इंदौर पुलिस के उच्च अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 40 जवानों की 7 विशेष टीमें बनाई गईं। इसके बाद एक साथ कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए।
कौन-कौन आया पुलिस की गिरफ्त में?
- पुलिस की इस सर्जिकल स्ट्राइक में पूरा गैंग बिखर गया:
- श्वेता विजय जैन को भोपाल की मिनाल रेजिडेंसी से उठाया गया।
- अलका दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- अलका का बेटा जयदीप पुलिस की कस्टडी में है।
- प्रॉपर्टी डीलर लाखन चौधरी को भी दबोच लिया गया है।
जल्द होगा बड़ा खुलासा
फिलहाल इंदौर पुलिस की गिरफ्त में आए इन सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में इंदौर पुलिस 'हनीट्रैप नंबर दो' का पूरा कच्चा चिट्ठा जनता के सामने उजागर कर देगी। श्वेता जैन की दोबारा गिरफ्तारी ने एक बार फिर मध्य प्रदेश के रसूखदारों और बिजनेस क्लास में खलबली मचा दी है।

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