सीएम मोहन यादव की नई नवेले पदाधिकारियों को दोटूक: 'गलती की या उलझे तो कोई बचाने नहीं आएगा, रैलियां और फालतू गाड़ियां छोड़ो'
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के निगम, मंडल, प्राधिकरण और आयोगों में नवनियुक्ति पदाधिकारियों को 5 बड़ी नसीहतें दीं। सीएम ने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरी राजनीति भी उज्जैन विकास प्राधिकरण और पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष के पद से ही हुई थी।
तब कोई प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए पता ही नहीं था कि क्या काम करना है और कैसे करना है? लेकिन आपको इस ट्रेनिंग के जरिए यह बताया जा रहा है। अब आपकी जिम्मेदारी है कि यह सार्थक करके बताएं कि पार्टी और सरकार ने आपका घर से बुलाकर यह जिम्मेदारी देकर सही किया है।
सीएम ने कहा- आपको अपने इलाके में अपनी धाक भी बनाना है और सरकार की साख भी बनाना है। अपने व्यवहार में अहंकार लाओगो तो बाद में कष्ट होगा। राजनीति में छोटा-बड़ा कोई नहीं है। संगठन कहेगा कि आपसे यह काम (पद) वापस लेना है तो आपको इस काम से रोक भी दिया जाएगा।
अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में 5 घंटे चली इस ट्रेनिंग में जीएडी और वित्त के अलावा 18 अलग-अलग विभागों के अफसरों ने पदाधिकारियों को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग में पार्टी की कुछ ऐसी नेत्रियां भी पहुंची, जिनके नियुक्ति आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। लेकिन उनकी नियुक्ति की चर्चा है। इनमें ओबीसी आयोग की सदस्य मौसम बिसेन और गोंगपा से भाजपा में आई मोनिका शाह बट्टी शामिल हैं।
सीएम की नसीहतें...
- पहली - कुछ लोग आपको उकसाएंगे, उलझाएंगे, लेकिन इसका सामना और समाधान आपको खुद ही करना है, कोई मदद करने सामने नहीं आएगा।
- दूसरी : जल्दबाजी में कोई कदम मत उठाना। अगले एक महीने तक अपने काम को ठीक से समझो, जनप्रतिनिधियों से अधिकारों को लेकर टकराव से बचो ।
- तीन : जिनसे पहले आपका टकराव या विरोध रहा है, यदि वे आपके पास काम लेकर आएं तो उनसे भेदभाव नहीं करना। नियम के दायरे में हो तो उनका भी काम करना।
- चार : सोशल मीडिया आजकल तीसरी आंख हैं, जो हर वक्त आप पर नजर रखती है, इसलिए अपने आचरण और व्यवहार में (उचित-अनुचित) का ध्यान रखकर चलना।
- पांच : अनावश्यक गाड़ियां लेकर मत चलो, यदि ले रखी हैं तो उनका इस्तेमाल छोड़ दो। कोई रैलियां मत निकालना। इससे कोई पहचान नहीं बनती। पहचान अपने काम से बनाओ।
आपका सेलेक्शन संगठन ने किया है, इसलिए सरकार ने पद दिया , ध्यान रखना : खंडेलवाल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को सख्त लहजे में कहा- पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के बीच से आपका सेलेक्शन किया गया है, इसलिए सरकारी काम के अलावा संगठन (भाजपा) की आपसे अपेक्षाएं भी हैं। पार्टी का राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व आपसे जो अपेक्षा करता है, उसे जरूर पूरा करें। ऐसा कोई आचरण या काम न करें, जिससे संगठन की छवि किसी भी स्थिति में खराब हो।

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