बंद कमरे में फूटा मंत्रियों का गुस्सा: संपतिया उइके ने नागर सिंह को घेरा! कांग्रेस बोली- 'परफॉर्मेंस' नहीं, यहाँ 'कारोबार' पर जंग है
भोपाल।
मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के भीतर बड़े असंतोष और आपसी खींचतान का दावा करते हुए एक बड़ा सियासी धमाका किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास पर रविवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान एक मंत्री ने दूसरे मंत्री को सरेआम 'शराब व्यापारी' कह दिया, वह भी मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में।
अलीराजपुर के दो कद्दावर मंत्रियों के बीच टकराव का दावा
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पीएचई मंत्री संपतिया उइके ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान पर यह तीखी टिप्पणी की। ये दोनों ही नेता अलीराजपुर जिले से आते हैं, जहां संपतिया उइके प्रभारी मंत्री हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि भाजपा की यह बैठक मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिव्यू के बजाय एक-दूसरे पर शराब कारोबार से जुड़े होने के आरोप लगाने का मंच बन गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे अपने मंत्री पर कोई कार्रवाई करेंगे या भाजपा में माफिया राज ही नया नियम बन चुका है?
जीतू पटवारी ने पत्र लिखकर सरकार को घेरा
इस कथित विवाद के बाद जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक तीखा पत्र भेजा है। पटवारी ने कहा कि मंत्रियों का परफॉर्मेंस बंद कमरों की समीक्षा से नहीं, बल्कि जनता के गुस्से और भाजपा विधायकों की नाराजगी से उजागर हो रहा है। उन्होंने अलीराजपुर के विवाद को इंदौर के जल संकट से जोड़ते हुए कहा कि जहां एक तरफ प्रभारी मंत्री अपने ही साथी पर शराब कारोबार के आरोप लगा रही हैं, वहीं देश के पहले वाटर प्लस शहर इंदौर में जनता पानी की बूंद-बूंद को तरस रही है और खुद भाजपा के विधायक कार्यक्रमों का बहिष्कार कर रहे हैं।

बालेन शाह सरकार को झटका, ₹100 से ऊपर की खरीदारी पर शुल्क वसूली पर लगी रोक
क्या छत्तीसगढ़ बनेगा देश का नया पावर हब? 13 हजार मेगावाट परियोजना से उम्मीदें बढ़ीं