भोपाल।
मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की जेब पर बड़ा वार किया है। शुक्रवार को जारी नई दरों के बाद प्रदेश देश के सबसे महंगे पेट्रोल वाले राज्यों में शुमार हो गया। हालत यह है कि राजधानी भोपाल से लेकर रीवा, बालाघाट और छिंदवाड़ा तक पेट्रोल 110 से 111 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। हैरानी की बात यह है कि मध्य प्रदेश के लोग अब दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों से भी ज्यादा कीमत पर पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं।
दिल्ली में जहां पेट्रोल 97-98 रुपए प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है, वहीं मुंबई में इसकी कीमत करीब 106-107 रुपए है। चेन्नई में भी पेट्रोल 103-104 रुपए प्रति लीटर के करीब है। इसके उलट मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल 111 रुपए तक पहुंच गया है, जिसने आम उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में पेट्रोल महंगा होने की सबसे बड़ी वजह राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला भारी वैट और अतिरिक्त टैक्स है। केंद्र सरकार की ओर से बेस प्राइस तय होने के बाद राज्यों के टैक्स जुड़ते हैं, जिससे अंतिम कीमत अलग-अलग हो जाती है। मध्य प्रदेश में टैक्स का बोझ अपेाकृत अधिक होने से यहां पेट्रोल के दाम तेजी से ऊपर चले जाते हैं। इसके अलावा प्रदेश का बड़ा भौगोलिक क्षेत्र भी कीमतों को प्रभावित करता है। दूर-दराज जिलों तक ईंधन पहुंचाने में ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ जाती है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया भी पेट्रोल को लगातार महंगा बना रहा है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों के घरेलू बजट को हिला दिया है। रोजाना नौकरी, कारोबार और खेती-किसानी के लिए वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से आने वाले दिनों में सब्जियों, खाद्यान्न और जरूरी सामानों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल सकता है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार जनता को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती करेगी या फिर पेट्रोल की कीमतें इसी तरह नए रिकॉर्ड बनाती रहेंगी।