कांग्रेस का 'प्रोजेक्ट M' लॉन्च: अल्पसंख्यक महिलाओं की तैयार की सीक्रेट फोर्स, RSS की तर्ज पर घर-घर पहुंचाएंगी संदेश
भोपाल।
मध्य प्रदेश में लंबे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस ने अब अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग संगठनात्मक फोर्स तैयार की है। पिछले सात महीनों से कांग्रेस में आंतरिक स्तर पर इस रणनीति पर काम चल रहा था। राज्य स्तर पर करीब 160 महिलाओं का एक समूह तैयार किया गया है। यह समूह पूरे प्रदेश में अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने का काम करेगा। कांग्रेस ने अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं को पार्टी से जोड़ने की इस पहल को ‘प्रोजेक्ट M’ नाम दिया है। इस प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग शनिवार को पीसीसी चीफ जीतू पटवारी करेंगे। करीब तीन घंटे तक चलने वाले अलग-अलग सत्रों में महिलाओं को पूरे प्रोजेक्ट और इसकी रणनीति की जानकारी दी जाएगी।
धरना-प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगी
कांग्रेस का मानना है कि आमतौर पर अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं की राजनीति में भागीदारी काफी कम रहती है। चुनिंदा परिवारों की महिलाएं ही सक्रिय राजनीति में नजर आती हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट M से जुड़ने वाली महिलाओं की भूमिका अलग रखी गई है। प्रोजेक्ट M की सदस्य महिलाएं कांग्रेस के धरना, प्रदर्शन और आंदोलन जैसे भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगी। इसके बजाय वे अपने-अपने समुदाय की अन्य महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने और राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने का काम करेंगी।
आरएसएस की तर्ज पर संदेश पहुंचाने का काम
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी एक धर्मनिरपेक्ष दल है, इसलिए सभी वर्गों का जुड़ाव कांग्रेस से अधिक रहा है। उनका मानना है कि भाजपा की विचारधारा में अल्पसंख्यक वर्ग के लोग खुद को सहज महसूस नहीं करते। ऐसे में कांग्रेस अल्पसंख्यक महिलाओं को एक ऐसा मंच दे रही है, जहां वे जुड़कर राजनीति में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता दिखा सकें।
अच्छा प्रदर्शन रहा तो चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा
प्रोजेक्ट M से जुड़ने वाली महिलाओं का प्रदर्शन अच्छा रहने पर उन्हें अगले साल होने वाले नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का मौका भी दिया जा सकता है। महिलाओं को उनकी क्षमता और रुचि के आधार पर पार्टी में आगे जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
पहली बार कांग्रेस दफ्तर पहुंचेंगी कई महिलाएं
एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने बताया कि प्रोजेक्ट M, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी का विशेष मिशन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार महिलाओं को संविधान के अनुरूप सम्मान और उचित स्थान देने की बात करते रहे हैं।उन्होंने बताया कि अलग-अलग समाजों के साथ काम करने की योजना पर करीब छह महीने पहले काम शुरू किया गया था। कई चुनौतियों के बाद एक मजबूत टीम तैयार हुई है। अब अल्पसंख्यक महिलाओं का एक संगठित समूह बन चुका है। इन महिलाओं को पहली बार भोपाल बुलाया जा रहा है। इसमें केवल मुस्लिम ही नहीं, बल्कि ईसाई, जैन, बौद्ध और सिख समाज की महिलाएं भी शामिल हैं। ये ऐसी महिलाएं हैं, जो पहली बार कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगी और पार्टी से जुड़ेंगी।

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