भोपाल। 
पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच टकराव के कई मामले देखने को मिल रहे हैं। चाहे विधायक प्रीतम लोधी का SDOP करेरा से विवाद हो या मंत्री राकेश सिंह के IAS अधिकारी के साथ विवाद। इन मामलों ने प्रदेश में काफी तूल पकड़ा और अब ऐसे मामलों पर लगाम कसने के लिए राजनाधी दिल्ली से सीधा फरमान आया है।
केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया
दरअसल जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते टकराव के मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार इस व्यवहार और बढ़ते प्रचलन को लेकर सजग हो गई है। (MP Officers Behavior) जी हां इस संबंध में केंद्र सरकार  ने राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और स्थिति में सुधार के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर केंद्र सरकार अब कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती है और अब प्रदेश सरकार को इसके संबंध में सुधार लाने के निर्देश दे दिए हैं।
केंद्र सरकार को प्रोटोकॉल उल्लघंन की  लगातार मिल रही शिकायतें
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ अधिकारी सांसदों और विधायकों के साथ प्रोटोकॉल के मुताबिक व्यवहार नही कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस चलन को चिंताजनक माना है। और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुचारु रुप से इसके पालन के लिए राज्य सरकार को आवश्यक कदम उठाने को कहा है। केंद्र ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारियों को सांसद-विधायकों के साथ व्यवहार और प्रोटोकॉल का पालन सिखाइए। साथ में यह भी निर्देश दिया है कि सांसदों और विधायकों द्वारा भेजे गए पत्रों का समय पर जवाब देना सुनिश्चित किया जाए। पत्र में साफ कहा गया है कि इस प्रकार की शिकायतें सही नहीं है, इससे प्रशासनिक व्यवस्था खराब होती है और सिस्टम बिगड़ता है।  लिहाजा राज्य सरकार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच के प्रोटोकॉल पर सख्ती से काम करे।