भोपाल। 
मक्का-मदीना की रुबात को लेकर चल रहे विवाद में अब मामला कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। सिकंदर हफीज खान की ओर से आरिफ मसूद को 150 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेजा गया है। नोटिस सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से 1 मई 2026 को जारी किया गया। नोटिस में कहा गया है कि 29 अप्रैल के आसपास विधायक द्वारा विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सिकंदर हफीज के खिलाफ जो बयान दिए गए, वे पूरी तरह झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिनका उद्देश्य उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था।
बयानों से प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा
नोटिस के अनुसार, इन कथित बयानों से हफीज की सामाजिक और पेशेवर साख को ठेस पहुंची है। यह भी कहा गया कि ऐसे आरोप जानबूझकर लगाए गए, ताकि उनकी छवि आम जनता के बीच खराब हो। कानूनी नोटिस में कहा गया है कि यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 356 के तहत मानहानि का अपराध है, जिसमें दो साल तक की सजा, जुर्माना या सामुदायिक सेवा का प्रावधान है।
150 करोड़ रुपए हर्जाने की मांग
नोटिस में कहा गया है कि इन बयानों से मानसिक पीड़ा, सामाजिक उपहास और प्रतिष्ठा की क्षति हुई है। इसी आधार पर 150 करोड़ रुपए के नुकसान का दावा किया गया है। नोटिस के जरिए विधायक से मांग की गई है कि वे 7 दिनों के भीतर लिखित और उसी माध्यम से बिना शर्त माफी मांगें, जिस माध्यम से कथित बयान दिए गए थे।
बयान हटाने और आगे रोक की मांग
इसके साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से सभी कथित आपत्तिजनक कंटेंट हटाने और भविष्य में ऐसे बयान न देने की भी मांग की गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर सिकंदर हफीज की ओर से सिविल और आपराधिक दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इन्हीं बयानों पर नोटिस
विधायक आरिफ मसूद ने हाल ही में रुबात मामले को लेकर बयान देते हुए कहा था कि हाजियों को पिछले कई वर्षों से रुबात नहीं मिल रही और इसमें “सबसे बड़ा रोल सिकंदर हफीज और सबा” का है। उन्होंने यह भी कहा था कि जांच नहीं हुई तो FIR कराई जाएगी। इन्हीं बयानों को आधार बनाकर अब मानहानि का नोटिस भेजा गया है।