कैग की रिपोर्ट का विस्फोट: मप्र के 1895 स्कूलों में 'जीरो' टीचर, शिक्षा का गिरता स्तर और खाली खजाना!
भोपाल।
मध्य प्रदेश में 'स्कूल चलें हम' और 'सीएम राइज' जैसे भारी-भरकम विज्ञापनों के दावों के बीच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 1895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहाँ एक भी स्थायी शिक्षक पदस्थ नहीं है। यह स्थिति पिछले तीन सालों से लगातार बनी हुई है, जो राज्य में शिक्षा की जर्जर तस्वीर को बयां करती है।
शून्य शिक्षक वाले स्कूलों का गणित
कैग की 'ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इन स्कूल्स ऑफ मप्र' रिपोर्ट बताती है कि शिक्षक विहीन स्कूलों की यह फौज केवल प्राथमिक स्तर तक सीमित नहीं है:
- प्राथमिक स्कूल: 1379
- मिडल स्कूल: 479
- सेकेंडरी स्कूल: 28
- हायर सेकेंडरी स्कूल: 09
ट्रेनिंग के नाम पर 'खानापूर्ति' और बजट की बर्बादी
रिपोर्ट में केवल शिक्षकों की कमी ही नहीं, बल्कि उनके कौशल विकास (Training) पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) की हालत और भी खराब है। यहाँ 57% लेक्चरर और 80% सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं। जब सिखाने वाले ही नहीं हैं, तो शिक्षकों की ट्रेनिंग कैसे होगी? राज्य सरकार ने प्रशिक्षण के लिए 165.09 करोड़ रुपए का बजट रखा था, लेकिन इसका केवल 21% (35.71 करोड़) ही खर्च किया जा सका। यानी पैसा होने के बावजूद सरकार शिक्षकों को अपडेट करने में नाकाम रही। 54 स्वीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से 38 कार्यक्रम शुरू ही नहीं हो पाए या बीच में ही ठप हो गए।
शिक्षक तैनाती में भारी असंतुलन (RTE के नियमों की धज्जियां)
कैग ने पाया कि प्रदेश में शिक्षकों की तैनाती में कोई तर्कसंगत नीति नहीं अपनाई गई है। जहाँ शहरी क्षेत्रों के कई स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) से ज्यादा शिक्षक बैठे हैं, वहीं ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के स्कूलों में ताला लगने की नौबत है। शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत निर्धारित अनुपात का पालन प्रदेश के अधिकांश जिलों में नहीं हो रहा है।
डिजिटल सिस्टम का 'डब्बा गुल'
सरकार ने अटेंडेंस और मॉनिटरिंग के लिए जिस डिजिटल सिस्टम और मोबाइल ऐप्स पर करोड़ों खर्च किए, कैग ने उन्हें भी 'अप्रभावी' करार दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी कमियों और बुनियादी ढांचे (इंटरनेट/बिजली) के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल इस डिजिटल क्रांति से कोसों दूर हैं।

PSL 2026 प्लेऑफ में चार कप्तानों की दिलचस्प टक्कर
मिताली बाग की कार पर हमला, BJP पर लाठी-डंडों से गुंडागर्दी का आरोप
ट्रैक्टर से विधानसभा पहुंचे MLA, पुलिस से झड़प; ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरमाई राजनीति