भोपाल।
मध्यप्रदेश में किसानों को बड़ी राहत मिली है। सीएम मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। 50 फीसदी तक खराब चमक वाला गेहूं भी मोहन सरकार खरीदेगी। इतना ही नहीं प्रदेश सरकार ने पानी की कमी के कारण कम विकसित दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत, क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत बढ़ा दी है।
गेहूं खरीदी के लिए बढ़ा दी स्लॉट बुकिंग
दरअसल, मोहन सरकार इस साल किसान कल्याण वर्ष मना रही है। सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए फैसले ले रही है। सीएम की कोशिशों के बाद मध्य प्रदेस में गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। साथ ही किसान गेहूं को बेचने के लिए नौ मई तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। पहले 30 अप्रैल तक थी।
किसानों के लिए एमपी में 3516 उपार्जन केंद्र चल रहे
वहीं, मध्य प्रदेश में किसानों के लिए 3516 उपार्जन केंद्र चल रहे हैं। उपार्जन केंद्रों की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है। अभी तक मध्य प्रदेश में गेहूं बेचने के लिए कुल 8 लाख 55 हजार किसानों ने स्लॉट की बुकिंग करवाई है। वहीं, तीन लाख 96 हजार कृषकों से 16 लाख 60 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित कर दो हजार 527 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
किसानों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे हैं कदम

  • मध्य प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए लगातार उठाए जा रहे कदम
  • 50 फीसदी चमक वाले गेहूं को भी खरीदेगी मोहन सरकार
  • किसानों की जमीन को चार गुना मुआवजा देने का भी किया ऐलान

इसके साथ ही सीएम ने कहा कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है
इसके साथ ही मध्यम-बड़े श्रेणी के 40 हजार 457 कृषकों द्वारा 5 लाख 88 हजार मीट्रिक टन मात्रा के स्लॉट बुक किए गए हैं। किसानों को तहसील के स्थान पर जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय की सुविधा दी गई है। अब खराब चमक वाले गेहूं को खरीदने की घोषणा मोहन सरकार ने कर दी है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।