"नेताओं के घर की महिलाओं का कोटा खत्म": पटवारी का बड़ा ऐलान—पत्नी, मां या बहन को नहीं, सिर्फ कार्यकर्ताओं को मिलेगा टिकट!
भोपाल।
लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण की तैयारी चल रही है। वहीं प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने घोषणा कर दी है कि नेता की पत्नी, मां और बहन को टिकट नहीं दिया जाएगा। अब महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को ही मौका मिलेगा। ये प्रस्ताव पॉलिटिकल अफेयर कमेटी में रखा जाएगा। कल भोपाल में महिला कांग्रेस की बैठक थी जिसमें प्रदेश अध्यक्ष पटवारी भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अब जो भी चुनाव होंगे उसमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिया जाएगा। अब यदि मेरे परिवार की किसी महिला को भी चुनाव लडऩा है तो उसे महिला कांग्रेस में कार्य करना पड़ेगा। हमेशा यह आरोप लगता है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर नेता की पत्नी, मां और बहन चुनाव लड़ती है। अब ऐसा नहीं होगा। इसका हम पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में प्रस्ताव भी मंजूर करेंगे।
लागू की थी आरक्षण की व्यवस्था
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में ही मध्य प्रदेश में नगर निगम और पंचायत में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था को लागू किया गया था। इस समय भाजपा सरकार द्वारा जो संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, वह पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव को प्रभावित करने के लिए बुलाया गया है। बैठक में मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने संगठन के विस्तार और मजबूती की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की।
शहर-जिला अध्यक्ष के लिए बनेगी पैनल
बैठक में यह फैसला लिया गया कि महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई की पदाधिकारी को अलग- अलग जिले का प्रभारी बनाया जाएगा। उनके लिए यह आवश्यक होगा कि अपने प्रभार वाले जिले में हर महीने के 30 दिन में से 10 दिन का समय बिताएं। ये प्रभारी जिला अध्यक्ष पद के लिए तीनतीन नाम की पैनल बनाकर अनुशंसा करेंगे। उसमें से जिला अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही महिला कांग्रेस की ओर से अब विधानसभा क्षेत्र के महिला कांग्रेस के अध्यक्ष भी नियुक्त किए जाएंगे। बैठक में महिला कांग्रेस की प्रभारी ममता चंद्राकर, इंदौर संभाग की प्रभारी उषा नायडू, प्रदेश कांग्रेस के संगठन मंत्री संजय कामले और पूर्व मंत्री सुखदेव पासी भी मौजूद थे।
टैलेंट हंट से युवाओं को देंगे राजनीतिक मंच
शहर के प्रभावशाली और ऊर्जावान युवाओं को संगठन से जोड़कर राजनीतिक मंच देने के लिए जिला कांग्रेस एक अनूठी पहल करने जा रही है, जिसके तहत टैलेंट हंट कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से नए और उभरते हुए प्रतिभावान युवाओं की तलाश की जाएगी, जो भविष्य में पार्टी की विचारधारा को मजबूती से जनता के बीच रख सकें। इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पेशेवर कौशल रखने वाले युवाओं को सक्रिय राजनीति के मुख्य मंच पर लाना है। इसके लिए टैलेंट हंट के जरिए प्रवक्ता, रिसर्चर और सोशल मीडिया पदाधिकारी की नियुक्ति भी होगी। जिलाध्यक्ष वानखेड़े ने कहा कि इस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रभारी अपूर्व भारद्वाज और सह-प्रभारी सुमित सेठ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उम्मीदवार आवेदन फॉर्म फोन पर भेज सकते हैं। चयन के लिए इंटरव्यू 2526 अप्रैल को होंगे। जिला कांग्रेस ने फॉर्म जारी कर दिया है। वानखेड़े ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से युवाओं और नई सोच का सम्मान करती आई है। इस टेलेंट हंट के जरिए हम इंदौर के उन युवाओं को आमंत्रित कर रहे हैं जो अपनी रिसर्च, संवाद शैली और सोशल मीडिया के कौशल से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं।

