भोपाल।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। फिलहाल राज्य से तीन सीटें खाली होना तय है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं कि यह संख्या चार तक पहुंच सकती है। इसका पूरा दारोमदार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों पर टिका है।
तीन सीटें तय, चौथी पर सस्पेंस
मध्य प्रदेश से वर्तमान में दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन की राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनका कार्यकाल 9 अप्रैल को पूरा हो चुका है। लेकिन अब नजरें एल मुरुगन पर टिकी हैं, जो फिलहाल मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और केंद्र में राज्य मंत्री भी हैं। यदि वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत जाते हैं, तो उनकी राज्यसभा सीट भी खाली हो जाएगी जिससे कुल सीटों की संख्या चार हो सकती है।
तमिलनाडु चुनाव से जुड़ा गणित
एल मुरुगन इस बार तमिलनाडु की अविनाशी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। 4 मई की तारीख इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि उसी दिन यह तय होगा कि मध्य प्रदेश में तीन सीटों पर चुनाव होगा या चार पर। यदि मुरुगन जीतते हैं, तो उन्हें विधायक पद के कारण राज्यसभा सीट छोड़नी पड़ेगी।
भाजपा की रणनीति और संभावनाएं
अगर एल मुरुगन चुनाव जीतते हैं, तो संभावना है कि भाजपा उन्हें दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में संगठन मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। ऐसी स्थिति में मध्य प्रदेश से राज्यसभा की चौथी सीट खाली होगी, जिसका कार्यकाल 2030 तक है। यह भाजपा के लिए एक अतिरिक्त अवसर भी बन सकता है।
राजनीतिक समीकरणों पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का असर न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। राज्यसभा सीटों की संख्या बढ़ने या घटने से दलों के बीच संतुलन बदल सकता है। अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब यह साफ होगा कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का गणित क्या रूप लेता है।