"शिवराज जी रील बनाने में मस्त, किसान बदहाल": जीतू पटवारी का तीखा हमला, बोले— बिना बुलाए ही पहुँचूँगा कृषि मेला
भोपाल।
एमपी में गेहूं खरीदी को लेकर लगातार राजनीति हो रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर के सामने धरना देने का ऐलान किया है। इस पर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- खेती के लिए कोई भी बेहतर काम करना चाहे तो स्वागत है लेकिन, केवल राजनीति करना। प्रदर्शन आंदोलन अधिकार है, लेकिन कहीं भी बिना बताए बोरा लेकर पहुंच जाओ ये पद्धति वरिष्ठ नेताओं के लिए ठीक नहीं मानता। आप जानते हैं कि फूड मिनिस्ट्री गेहूं और चावल की खरीदी प्रदेश सरकार के सहयोग से करती है। और मुख्यमंत्री जी पूरी शिद्दत और गंभीरता से व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
पटवारी बोले: मुझे उपवास शिवराज ने सिखाया
जीतू पटवारी ने कहा- जहां तक उपवास की बात है, उपवास तो मुझे आपने सिखाया। आप प्रधानमंत्री के खिलाफ उपवास पर जाते थे। आपने जो एक देश का, केंद्र का और राज्य का जो शिष्टाचार और परंपरा है उसको आपने तोड़ा। स्वर्गीय मनमोहन सिंह जी को उपवास की कहानी बता बता के अपमानित किया। तो मैं उपवास करूंगा। पूरी कांग्रेस पार्टी उपवास करेगी। शिवराज जी जब आप रहोगे भोपाल में उसी दिन आपके घर के सामने बैठूंगा। चिंता मत करो। जीतू पटवारी ने कहा- अगर खाद्य मंत्री बारदाने की व्यवस्था करता है तो शिवराज जी क्या करते हैं? इसका मतलब सामूहिक मंत्रिमंडल व्यवस्था करता है। अगर शिवराज जी यह कहते हैं कि खाद्य मंत्री यह व्यवस्था करेगा, मैं नहीं करूंगा, इसका मतलब वो धोखा देते हैं।
हम कहते हैं कि मोहन यादव अपरिपक्व हैं, वह करवा नहीं पाए। दूसरी बात यह है कि शिवराज जी जब यह कहते हैं कि हम उनके यहां पूछ कर आएं। मैंने हर हफ्ते उनसे समय मांगा। जब आखिरी में 100 हफ्ते हुए तब उनके घर गया था।
मैं कृषि मेले में जाना चाहता हूं
जीतू ने कहा- वो जब रील बनाते हैं तो मैं भी देखता हूं। वो रील्स बनाने में मस्त है और हम मीडिया से बात करके उनको बताते हैं कि हम आने वाले हैं। हम आवेदन देते हैं, हम उनसे अनुरोध करते हैं वे तब बुलाते नहीं है। और अब मैं जब कहता हूं तो बड़े नेता आना चाहिए। मैं फिर उनको कह रहा हूं कि मैं कृषि मेले में जाना चाहता हूं। क्या आप मुझे विधि विधान से ऐसा नहीं लगे, व्यवस्था बिगड़े नहीं और क्या कृषि मंत्रालय केंद्रीय जिसने ये मेला रखा है क्या मुझे बुलाने की कोशिश करेगा? मुझे समय देने की कोशिश करेगा? मैं मेला में जाना चाहता हूं। मैं किसान का भी बेटा हूं। मेरी खुद की खेती है। मेरा व्यवसाय कृषि का है। मेरे नाम से जमीन है जहां खेती होती है तो शिवराज जी मैं आना चाहता हूं। लेकिन, मैं पार्टी का जिम्मेवार अध्यक्ष भी हूं। भाई मुझे उसकी बात जनता की बात भी आपसे करनी है तो वो भी करूंगा। आप इसको गंभीरता से नहीं लेते हैं। तब मुझे जाकर इस तरह के एक्शन करने पड़ते हैं। रिएक्शन देना पड़ता है।

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