भोपाल। 
राजधानी भोपाल में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव का बुलडोजर एक्शन शुरु हो गया। भोपाल की जीवनदायनी कहे जाने वाले बड़े तालाब के संरक्षण के लिए प्रशासन का 'महा-अभियान' शुरू किया है।​ झीलों की नगरी भोपाल की जीवन रेखा 'बड़ा तालाब' को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने मोर्चा खोल दिया है। बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया और फुल टैंक लेवल (एफटीएल) को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन का संयुक्त अमला कार्रवाई कर रहा है। तालाब के 50 मीटर के दायरे और कैचमेंट एरिया में बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलना शुरू हुआ। यह अभियान 21 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई की शुरुआत भदभदा क्षेत्र में शुरु की गई। जानकारी के मुताबिक, सीमांकन कार्य के दौरान अब तक कुल 308 अतिक्रमण चिन्हित किए जा चुके हैं। सबसे बड़े अतिक्रमण टीटी नगर नजूल के सेवनिया गोंड और गोरागांव इलाके में सामने आए हैं। सूरज नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों ने तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से महज एक फीट दूरी पर ही बाउंड्री वाल खड़ी कर दी है। इसके अलावा कैचमेंट एरिया के भीतर आलीशान कोठी, सेंट्रल पार्क कालोनी का गार्डन, जागिंग पाथ और अन्य निर्माण भी जांच के दायरे में हैं। प्रशासन ने शासकीय भूमि पर 17 और निजी भूमि पर 44 अतिक्रमण भी चिन्हित किए हैं। बैरागढ़ नजूल क्षेत्र में 241 अतिक्रमणों की पहचान की गई है। इसके अलावा बोरवन की 80 और बेहटा गांव की 100 झुग्गियों को हटाने की तैयारी है।