भोपाल। 
मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर बड़ा संकेत सामने आया है, जो यह बताता है कि मध्य प्रदेश में उनका प्रभाव अभी भी कायम है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री निवास पर हाल ही में हुई एक हाई लेवल बैठक ने कई राजनीतिक संदेश दे दिए हैं। इस बैठक में मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सक्रिय मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि वह अभी भी फैसलों के केंद्र में हैं। खास बात ये है कि निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने खुद कई नाम सुझाए हैं। माना जा रहा है कि उनके अनुभव और संगठन पर पकड़ की वजह से इन नामों को गंभीरता से लिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ,ज्योतिरादित्य सिंधिया की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अब नियुक्तियों में सिंधिया से ज्यादा शिवराज की पकड़ देखने को मिलेगी?
याद रहे, शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में उन्हें हर क्षेत्र और नेता की गहरी समझ है, जिसका फायदा अब भी पार्टी उठा रही है। क्या ‘मामा’ का मैजिक अभी भी बरकरार है? या फिर आने वाले समय में शक्ति संतुलन बदल सकता है? मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और बड़े संकेत देखने को मिल सकते हैं।