(6 अप्रैल स्थापना दिवस पर विशेष)

  • –सुरेन्द्र शर्मा, सुरेंद्र शर्मा 
    प्रदेश उपाध्यक्ष 
    भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश 
    एवं निमाड़ संभाग प्रभारी 

भारतीय जनता पार्टी आज 14 करोड़ सदस्यों के साथ भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है। भाजपा  एक राष्ट्रवादी राजनीतिक दल है जो भारत को एक सुदृढ़, समृद्ध एवं शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए कृतसंकल्प है। भारत को एक समर्थ राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा का गठन 6 अप्रैल, 1980 को नई दिल्ली के कोटला मैदान में आयोजित एक कार्यकर्ता अधिवेशन में किया गया, जिसके प्रथम अध्यक्ष श्री अटल बिहारी वाजपेयी निर्वाचित हुए। अपनी स्थापना के साथ ही भाजपा ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं लोकहित के विषयों पर मुखर रहते हुए भारतीय लोकतंत्र में अपनी सशक्त भागीदारी दर्ज की तथा भारतीय राजनीति को नए आयाम दिए। कांग्रेस की एकाधिकार वाली एक-दलीय लोकतान्त्रिक व्यवस्था के रूप में जानी जाने वाली भारतीय राजनीति को भारतीय जनता पार्टी ने दो ध्रुवीय बनाकर एक गठबंधन-युग के सूत्रपात में अग्रणी भूमिका निभाई है। 
देश में विकास आधारित राजनीति की नींव भी भाजपा ने विभिन्न राज्यों में सत्ता में आने के बाद तथा पूरे देश में भाजपा नीत राजग शासन के दौरान रखी।  वर्ष 2014 में तीन दशक बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसी एक पार्टी को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत दिया है तथा वर्तमान में लगातार तीसरी बार भी भारी बहुमत से भाजपा नीत राजग सरकार केन्द्र में विद्यमान है।
भारतीय जनता पार्टी एक सुदृढ़, सशक्त, समृद्ध, समर्थ एवं स्वावलम्बी भारत के निर्माण हेतु निरंतर सक्रिय है। पार्टी की कल्पना एक ऐसे राष्ट्र की है जो आधुनिक दृष्टिकोण से युक्त एक प्रगतिशील एवं प्रबुद्ध समाज का प्रतिनिधित्व करता हो तथा प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति तथा उसके मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए महान ‘विश्वशक्ति’ एवं ‘विश्व गुरू’ के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो। इसके साथ ही विश्व शांति तथा न्याययुक्त अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को स्थापित करने के लिए विश्व के राष्ट्रों को प्रभावित करने की क्षमता रखे।
भाजपा भारतीय संविधान में निहित मूल्यों तथा सिद्धांतों के प्रति निष्ठापूर्वक कार्य करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आधारित राज्य को अपना आधार मानती है। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसे लोकतान्त्रिक राज्य की स्थापना करना है जिसमें जाति, सम्प्रदाय अथवा लिंगभेद के बिना सभी नागरिकों को राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक न्याय, समान अवसर तथा धार्मिक विश्वास एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो।
भाजपा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म-मानवदर्शन’ को अपने वैचारिक दर्शन के रूप में अपनाया है। साथ ही पार्टी का अंत्योदय, सुशासन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, विकास एवं सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया है। 
आज भाजपा देश में एक प्रमुख राष्ट्रवादी शक्ति के रूप में उभर चुकी है एवं देश के सुशासन, विकास, एकता एवं अखंडता के लिए कृतसंकल्प है।
देश में 14 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ भाजपा भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है,देश के 21 राज्यों में भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं आज पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा की यशो दुंदुभि बज रही है।
देश की हर समस्या का हल खिलता हुआ  कमल बन चुका है।
10 साल पार्टी ने विपक्ष की सक्रिय और शानदार भूमिका निभाई। 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी, फिर 2019 और तीसरी बार 2024 में पुनः नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी जो आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ की उद्घोषणा के साथ गौरव सम्पन्न भारत का पुनर्निर्माण कर रही है। 
2014 में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा लगभग 11 करोड़ सदस्यों वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बनी जो एक बार फिर निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा जी के नेतृत्व में पुनः 12 करोड़ से अधिक सदस्यों के साथ विश्व के सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और विश्व की इस सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व 45 वर्ष के युवा श्री नितिन नवीन जी  कर रहे हैं यह भाजपा के समय के साथ बदलाव को भी प्रदर्शित करता है।
26 मई, 2014 को श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने कम समय में ही अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने विश्व में भारत की गरिमा को पुन:स्थापित किया, राजनीति पर लोगों के विश्वास को फिर से स्थापित किया। अनेक अभिनव योजनाओं के माध्यम से नए युग की शुरुआत की। अन्त्योदय, सुशासन, विकास एवं समृद्धि के रास्ते पर देश बढ़ चला है। आर्थिक और सामाजिक सुधार सुरक्षित जीवन जीने का मार्ग उपलब्ध करा रहे हैं। किसानों के लिये ऋण से लेकर खाद तक की नयी नीतियां जैसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, आदि ने कृषि के तीव्र विकास की अलख जगायी है। ये नया युग है सुशासन का। चाहे आदर्श ग्राम योजना हो, स्वच्छता अभियान या फिर योग के सहारे भारत को स्वथ्य बनाने का अभियान, इन सभी कदमों से देश को एक नयी ऊर्जा मिली है। भाजपा की मोदी सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्किल इंडिया’, अमृत मिशन, दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं से भारत को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाया है। जनधन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी अनेक योजनाएं देश में एक नयी क्रांति का सूत्रपात कर रही हैं। भाजपा सरकार ने देशवासियों को विश्व की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना का उपहार दिया है।
प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने समाज सुधार के रूप में तीन तलाक की कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम बहिनों के जीवन को संरक्षण दिया तो हाल ही में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पास कर वक्फ के नाम पर हो रही लूट और संपत्तियों को अवैध कब्जे को रोकने का काम किया है।
भाजपा के ध्येनिष्ठ कार्यकर्ताओं की शक्ति एवं  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का सुनियमन सुशासन की गारंटी है। 11साल का केन्द्रीय शासन एवं प्रदेशों में भाजपा की सरकारों ने अन्य दलों की सरकारों की तुलना में अच्छा शासन दिया है। गत 11 वर्षों से श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सकारात्मक सुशासन की प्रक्रिया तीव्र गति से चल रही है। व्यवस्थाओं की पुरानी विकृतियों का शमन करने में अभी भी कुछ वक्त लगेगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिद्धांतों और आदर्शों पर आधारित राजनीतिक दल है। यह किसी परिवार, जाति या वर्ग विशेष की पार्टी नहीं है। भाजपा कार्यकर्ताओं को जोड़ने वाला सूत्र है--भारत के सांस्कृतिक मूल्य, हमारी निष्ठाएं  और भारत के परम वैभव को प्राप्त करने का संकल्प; और साथ ही यह आत्मविश्वास कि अपने पुरुषार्थ से हम इन्हें प्राप्त करेंगे।
भाजपा की विचारधारा को एक पंक्ति में कहना हो तो वह है ‘भारत माता की जय’। भारत का अर्थ है ‘अपना देश’। देश जो हिमालय से कन्याकुमारी तक फैला है और जिसे प्रकृति ने एक अखंड भूभाग के रूप में हमें दिया है। यह हमारी माता है और हम सभी भारतवासी उसकी संतान हैं। एक मां की संतान होने के नाते सभी भारतवासी सहोदर यानि भाई-बहन हैं। भारत माता कहने से एक भूमि और एक जन के साथ हमारी एक संस्कृति का भी ध्यान बना रहता है। इस माता की जय में हमारा संकल्प घोषित होता है और परम वैभव में है मां की सभी संतानों का सुख और अपनी संस्कृति के आधार पर विश्व में शांति व सौख्य की स्थापना। यही है ‘भारत माता की जय’।
भाजपा के संविधान की धारा 3 के अनुसार एकात्म मानववाद हमारा मूल दर्शन है। यह दर्शन हमें  मनुष्य के शरीर, मन, बृद्धि और आत्मा का एकात्म यानि समग्र विचार करना सिखाता है। यह दर्शन मनुष्य और समाज के बीच कोई संघर्ष नहीं देखता, बल्कि मनुष्य के स्वाभाविक विकास-क्रम और उसकी चेतना के विस्तार से परिवार, गाँव, राज्य, देश और सृष्टि तक उसकी पूर्णता देखता है। यह दर्शन प्रकृति और मनुष्य में मां का संबंध देखता है, जिसमें प्रकृति को स्वस्थ बनाए रखते हुए अपनी आवश्यकता की चीज़ों का दोहन किया जाता है।
भाजपा के संविधान की धारा 4 में पांच निष्ठाएं वर्णित हैं।
ये पंच  निष्ठाएं हैं राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय एकात्मता, लोकतंत्र, सामाजिक व आर्थिक विषयों पर गांधीवादी दृष्टिकोण, सकारात्मक पंथनिरपेक्षता एवं सर्व पंथ समभाव, मूल्य आधारित राजनीति एकात्म मानववाद और ये पांचों निष्ठाएं हमारे वैचारिक अधिष्ठान का पूरा ताना-बना बुनती हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए यह पंच निष्ठा प्रकाश स्तंभ की तरह हैं।  भारतीय जनता पार्टी ही वह पार्टी है जिसके कार्यकर्ताओं के लिए देश पहले है दल बाद में है और व्यक्ति सबसे अंत में आता है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने संसद में बोलते हुए कहा था "भारत कुछ लोगों के लिए केवल भूमि का टुकड़ा होगा हमारे लिए यह मातृभूमि है, भारत हमारे लिए जीता जागता राष्ट्र पुरुष है, यह वंदन की भूमि है, यह अभिनंदन की भूमि है यह अर्पण की भूमि है यह तर्पण की भूमि है इसका बिंदु बिंदु सिंधु है इसका बूंद बूंद गंगाजल है हम जिएंगे तो इसके लिए मरेंगे तो उसके लिए। मरने के बाद जब हमारी अस्थियां गंगाजल में प्रवाहित होगी तो कान लगाकर सुन लेना आवाज आएगी भारत माता की जय।" आज भाजपा केवल  एक  राजनीतिक दल ही नहीं बल्कि जन  मन की आशा बन चुकी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जैसा वैश्विक नेतृत्व अमित शाह जी जैसा कुशल रणनीतिकार और नितिन नवीन जी जैसा सरल सहज नेतृत्व एक आदर्श संगठन तंत्र निस्वार्थ भाव से समर्पित देव दुर्लभ कार्यकर्ताओं की टोली भाजपा को दुनिया के सभी दलों से अलग बनाता है। 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं कि "हम राजनीतिक क्षेत्र में संगठन आधारित राजनीतिक दल हैं। हमारा संगठन कार्यकर्ता आधारित है एवं हमारा कार्यकर्ता विचारधारा आधारित है।" यह भाजपा के विचार की ही ताकत है कि 1951 से चली राष्ट्रवाद की यह यात्रा तमाम अवरोधों और झंझावातों को झेलते हुए सतत् प्रवाहमान है,भारत के अंदर भाजपा ही एकमात्र ऐसा दल है जिसका कभी भी विभाजन नहीं हुआ भारत के अंदर भाजपा ही एकमात्र ऐसा दल है जिसके मूल में कांग्रेस नहीं है देश के अंदर जितने भी राजनैतिक दल हैं उनके नियंता कोई न कोई  परिवार हैं ,भाजपा किसी किसी परिवार की  प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है इसलिए भाजपा के लिए कहा जाता है कि भाजपा पार्टी नहीं एक परिवार है क्योंकि भाजपा के कार्यकर्ता किसी परिवार के लिए काम नहीं करते बल्कि पार्टी के अंदर परिवार भाव से काम करते हैं। भाजपा के इस स्थापना दिवस पर इन सात दशक में जनसंघ और  भाजपा का नेतृत्व करने उन सभी महानुभावों का स्मरण करना भी आवश्यक है जिन्होने राजनीति की रपटीली राहों पर न केवल संगठन को सम्हाला बल्कि उसे सुव्यवस्थित कर सुदृढ़ स्वरूप प्रदान किया और देश के नेतृत्व करने योग्य बनाया जन संघ का नेतृत्व करने वालों में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी (1951–52),पंडित मौली चन्द्र शर्मा(1954), श्री प्रेम नाथ डोगरा(1955),आचार्य देव प्रसाद घोष(1956–59), श्री पीतांबर दास (1960) श्री  अवसरला राम राव(1961) , श्री आचार्य देव प्रसाद घोष (1962), श्री रघुवीर (1963) ,आचार्य देव प्रसाद घोष (1964), श्री बच्छराज व्यास(1965) ,श्री बलराज मधोक (1966),पंडित दीनदयाल उपाध्याय(1967–68), श्री अटल बिहारी वाजपेयी (1969–72), श्री लाल कृष्ण आडवाणी(1973–77) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जनसंघ का नेतृत्व किया एवं भारतीय जनसंघ को अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया।।
भाजपा के संस्थापक सदस्यों में श्री अटल बिहारी बाजपेयी,श्री लाल कृष्ण आडवाणी,डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी,नानाजी देशमुख ,के. आर.,मलकानी,श्री सिकंदर बख्त,श्री विजय कुमार मल्होत्रा,राजमाता विजया राजे सिंधिया,श्री भैरों सिंह शेखावत,श्री शांताकुमार,श्री जगन्नाथ राव जोशी थे ।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों में श्री अटल बिहारी वाजपेयी  (1980–86), श्री लाल कृष्णआडवाणी(1986–1991,1993–98,2004–05) ,डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी(1991–93), कुशा भाऊ ठाकरे (1998–2000), श्री बंगारू लक्ष्मण(2000–20001), श्री के.जना कृष्णमूर्ति (2001–2002), श्री एम बैंकैया नायडू(2002–04) श्री राजनाथ सिंह (2005–09,2013–14),श्री नितिन गडकरी( 2009–13) श्री अमित शाह(2014–20)
श्री जगत प्रकाश नड्डा (2020 से 2025) एवं वर्तमान में श्री नितिन नवीन। इस श्रेष्ठ नेतृत्व एवं करोड़ों तपोनिष्ठ कार्यकर्ताओं के परिश्रम के फलस्वरूप आज भाजपा भारत ही नहीं विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी है जो भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिये संकल्पित है।भारत के सांस्कृतिक मूल्य, हमारी पंच निष्ठाएं  और भारत के परम वैभव को प्राप्त करने का संकल्प; और साथ ही यह आत्मविश्वास कि अपने पुरुषार्थ से हम इन्हें प्राप्त करेंगे भाजपा के कार्यकर्ताओं को  एक अलग ओज प्रदान करता है।
भाजपा की विचारधारा को एक शब्द में कहना है तो वह शब्द है "भारत माता की जय" यह शब्द ही भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं का जीवन मंत्र है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद  अपने प्रथम संबोधन में कार्यकर्ताओं से भाजपा की विशेषताओं को बताते हुए   कहा कि "भारतीय जनता पार्टी कोई सामान्य राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह एक विचार है जिसके साथ कार्यकर्ता जुड़कर काम करते हैं। यह वह विचार है, जिसमें राजनीतिक अभिव्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र प्रथम के नारे के साथ कार्य किया जाता है। ‘नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और सेल्फ लास्ट’, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसी नारे के साथ सभी को जोड़ा है और उनके नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को यह दिशा दी है कि राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए ही सभी कार्य आगे बढ़ाएं। कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्वकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान से सीख लेने की आवश्यकता है, क्योंकि यह वह राजनीतिक परंपरा है जहां सत्ता साधना नहीं, त्याग है। राजनीति भोग नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व है। सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ अपने नेतृत्वकर्ता के परिश्रम और पुरुषार्थ से स्वयं को जोड़ें। यदि आज भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है, तो इसका मुख्य कारण प्रेरणादायी नेतृत्व, सशक्त विचारधारा और लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत है। यह वही कार्यकर्ता हैं जो बिना किसी प्रचार के अनवरत कार्य करते हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारत का ध्वज झुकने नहीं देते और जो गर्व से कहते हैं कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां , हम दिन चार रहे न रहे’।"
छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय कवि पद्म श्री स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे अक्सर कहा करते थे " मुझको भाजपा से कुछ नहीं चाहिए। पर मुझको अंतिम साँस तक भाजपा चाहिए !! 
संगठन के प्रति कार्यकर्ताओं का   यह समर्पण भाव ही भाजपा को अन्य दलों से भिन्न (party with a difference) बनाता है।।
यह बात सुनिश्चित है कि भारत आने वाले समय में विश्व का नेतृत्व करेगा और उसका आधार भारतीय जनता पार्टी ही बनेगी।