भोपाल। 
मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंघार ने प्रदेश में बढ़ती दुर्घटनाओं और छिंदवाड़ा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में वर्तमान स्थिति 'इमरजेंसी' जैसी हो गई है। उन्होंने सरकार की मुआवजा नीति पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मृतकों के परिजनों के लिए 24 घंटे के भीतर 'सिंगल विंडो' सिस्टम से भुगतान होना चाहिए। सिंघार ने कहा कि उद्योगपतियों के लिए सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम बना दिया कि उन्हें जमीन से लेकर तमाम एनओसी और सुविधाएं मिल जाएंगी। उधर, किसी गरीब की सरकारी सिस्टम की खामी की वजह से मौत होती है तो उसे मुआवजे के लिए दफ्तरों में भटकना पड़ता है।
छिंदवाड़ा हादसे पर घेरा: 'भीड़ जुटाने के लिए CEO ने दी थी धमकी'
सिंघार ने छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री की सभा के दौरान हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने सभा में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। जनपद पंचायत के सीईओ ने पत्र जारी कर कर्मचारियों और ग्रामीणों को चेतावनी दी थी कि यदि वे नहीं आए तो कार्रवाई होगी। सिंघार ने कहा कि इसी आपाधापी में 10 लोगों की मौत हो गई और 40 घायल हुए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की ओर से छिंदवाड़ा बस हादसे में मृत प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
मुआवजा नीति में भेदभाव: 'कहीं 1 लाख, कहीं 2 लाख...
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में लागू अलग-अलग मुआवजा नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा भागीरथपुरा हादसे में 2 लाख दिए जाते हैं, कहीं और 1 लाख। सरकार के पास कोई ठोस 'यूनिफॉर्म पॉलिसी' क्यों नहीं है? सीएम की घोषणा के बाद पीड़ितों को विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कमीशन देने के बाद ही पैसा मिलता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा जैसे व्यापारियों के लिए 'सिंगल विंडो' सुविधा है, वैसे ही गरीब मृतक परिवारों के लिए 24 घंटे में सहायता राशि मिलने का नियम बनना चाहिए।