नई दिल्ली/भोपाल, सबकी खबर। 
देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी लोकसभा में खड़े होकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि किसानों की आय दोगुनी ही नहीं, बल्कि आठ गुनी तक हो गई है। लेकिन इस दावे की हवा उनके अपने ही गृह जिले सीहोर से निकली एक तस्वीर ने निकाल दी, जहाँ मात्र ₹85,000 के बकाया बिजली बिल के लिए एक गरीब किसान का ट्रैक्टर सरेआम कुर्क कर लिया गया। सबकी खबर के साथ एक पॉडकॉस्ट में कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सरकार के 'गुलाबी आंकड़ों' के पीछे छिपे किसानों के गहरे दर्द को उजागर कर दिया है।
दिल्ली में बैठकर सस्ता नशा कर रही है सरकार: चौधरी
कुणाल चौधरी ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार दिल्ली में बैठकर 'सस्ता नशा' कर रही है या जानबूझकर झूठ बोल रही है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि 2014 के मुकाबले आज डीएपी, यूरिया और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे खेती की लागत 4 गुना बढ़ गई है, जबकि फसलों के दाम घट रहे हैं। जो सोयाबीन ₹6,000 क्विंटल बिकती थी, आज वह ₹3,500 के आसपास सिमट गई है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच गेहूं के बोनस में ₹110 के अंतर पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या एमपी का किसान अब अपनी फसल बेचने राजस्थान जाएगा?
आत्मनिर्भरता का ढोंग कर 'अमेरिका निर्भर' बन रही सरकार
चर्चा में सबसे बड़ा खुलासा भारत-अमेरिका कृषि डील को लेकर हुआ। कुणाल चौधरी ने आगाह किया कि सरकार देश के ढाई एकड़ वाले छोटे किसान को अमेरिका के 1000 एकड़ वाले कॉर्पोरेट दिग्गजों के सामने कुचलने की तैयारी कर रही है। अगर अमेरिका से सस्ता सोयाबीन, मक्का और दूध भारत आने लगा, तो देश का घरेलू किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आत्मनिर्भरता का ढोंग कर 'अमेरिका निर्भर' बन रही है, जिसका खामियाजा आने वाले 6 महीनों में खाद और डीजल के भारी संकट के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
तो भयावह होगा अन्नदाता का आक्रोश...
अंत में, पत्रकार वरिष्ठ पत्रकार रवीन्द्र जैन ने कहा कि 12 साल से दिखाए जा रहे सुनहरे सपनों के बीच आज भी किसान की छाती पर गोलियां और पीठ पर खंजर घोंपा जा रहा है। विज्ञापन की चमक में किसान की बदहाली को छुपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो अन्नदाता का यह आक्रोश आने वाले समय में सत्ता के परखच्चे उड़ा देगा।