भोपाल। 
मध्य प्रदेश की सियासत में फिर हलचल तेज हो गई है। सरकार और संगठन के बीच लंबे समय से अटकी निगम-मंडल नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा फैसला जल्द सामने आ सकता है। 2023 विधानसभा चुनाव के बाद जिन वरिष्ठ भाजपा नेताओं को कैबिनेट में जगह नहीं मिल पाई थी, उनकी उम्मीदें अब निगम-मंडलों पर टिकी हैं। खास बात ये है कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कई बार टलने के बाद अब नियुक्तियों का सही समय माना जा रहा है। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए नामों की सूची लगभग तैयार हो चुकी है और इसे शासन को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे पर दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा कर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की रणनीति बनाई है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने साफ कहा है कि
 "सूची बनाकर शासन को भेज दी गई है, जल्द ही निगम-मंडलों में नियुक्तियां की जाएंगी।" अब निगाहें उस लिस्ट पर टिकी हैं, जो कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय कर सकती है।