भोपाल। 
राजधानी भोपाल में जिला प्रशासन के प्रमुख कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर से जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) के बैंक खाते से दो करोड़ 26 लाख रुपए निकालने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जालसाजों ने कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर व डूडा की अधिकारी निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर से राशि निकाली गई है। डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे की शिकायत पर भोपाल क्राइम ब्रांच ने पांच फर्म संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। निधि चौकसे ने शिकायत में पुलिस को बताया कि पुराने शहर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के सैफिया कॉलेज शाखा से डूडा के खाते से इसी महीने की 9 तारीख को पांच चेक के जरिए 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार रुपए निकाले गए। चेक पर कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी थे। आरोपियों ने 5 मार्च को कलेक्टर के लेटरहेड पर फर्जी आवेदन देकर खाते से मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी लिंक करवा ली थी। इस पर भी कूटरचित हस्ताक्षर और सील का इस्तेमाल किया गया। 17 मार्च 2026 को लीड बैंक मैनेजर भोपाल द्वारा जिला प्रशासन को बताया गया कि आपके खाते से अधिक राशि की निकासी की जा रही है। बैंक अधिकारी द्वारा सूचना देने के बाद जिला प्रशासन ने कहा कि ऐसा कोई चेक उनके कार्यालय से जारी नहीं किया गया है। इसके बाद बैंक मैनेजर से पूरी जानकारी ली गई। बैंक मैनेजर ने जो दस्तावेज जिला प्रशासन को दिखाए, उसमें कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर थे। मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी लिंक कराने के लिए कलेक्टर का जो पत्र बैंक को भेजा गया था, वह भी फर्जी था और हस्ताक्षर भी फर्जी थे। पुलिस जिन संस्था के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई है, उन पर रोक लगाने का प्रयास करने के साथ संबंधित संस्था के गई अधिकारियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।