भोपाल। 
राजनीति में कहा जाता है कि सही मौके पर सही वार ही असली सियासत है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में कुछ ऐसा ही नजारा पेश किया। मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस का था, लेकिन जैसे ही बिजली गुल हुई, पटवारी ने इस 'अंधेरे' को ही सरकार के खिलाफ सबसे बड़ा 'हथियार' बना लिया।
जब पीसीसी में छा गया सन्नाटा
जीतू पटवारी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से रूबरू हो रहे थे। चर्चा अहम मुद्दों पर चल रही थी कि अचानक बिजली चली गई और हॉल में अंधेरा छा गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोग अभी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पटवारी ने मौके की नजाकत को भांपते हुए सरकार पर हमला बोल दिया।
पटवारी का वार: 'ये हैं 24 घंटे बिजली के दावे'
बिजली जाते ही जीतू पटवारी ने चुटकी लेते हुए कहा— "देख लीजिए, ये प्रदेश के हालात हैं। जब देखो तब बिजली चली जाती है और सरकार दावा करती है कि 24 घंटे बिजली देंगे।" उन्होंने लाड़ली बहना योजना और बढ़ते बिजली बिलों को जोड़ते हुए आगे कहा कि "सरकार एक तरफ बहनों को 1500 रुपये देने का ढिंढोरा पीटती है, तो दूसरी तरफ बिजली के भारी-भरकम बिल थमाकर उनकी जेब साफ कर रही है। ये कैसा विकास है जहाँ राजधानी के मुख्य कार्यालयों में भी बिजली का ठिकाना नहीं है?"
सत्ता पक्ष का पलटवार: 'दिग्विजय काल' की दिलाई याद
जीतू पटवारी के इस 'ऑन द स्पॉट' हमले पर सत्ताधारी दल ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि पटवारी जी को बिजली पर सवाल उठाने से पहले दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के उस 'अंधेरे युग' को याद कर लेना चाहिए, जब मध्य प्रदेश 'लालटेन युग' में जीने को मजबूर था। राजनीतिक गलियारों में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है। जानकारों का कहना है कि विपक्ष के लिए ऐसे इत्तेफाक 'सोने पर सुहागा' जैसे होते हैं।