भोपाल। 
मध्यप्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर करते हुए सु्प्रीम कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा फिलहाल विधायक बने रहेंगे, जबकि मप्र हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया गया है जिसमें रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया गया था।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने मल्होत्रा को राहत तो दी, लेकिन साथ में दो सख्त शर्तें भी लागू कर दीं— विधायक के वेतन और भत्तों पर फिलहाल रोक यानी कुर्सी बनी रहेगी, लेकिन ताकत सीमित रहेगी।
कोर्ट में क्या हुआ?
मल्होत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा ने दमदार पैरवी की, जिसके बाद कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
पूरा मामला समझिए
विजयपुर चुनाव नतीजों को लेकर विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, हाईकोर्ट ने मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया.. इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई.. अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी..
आगे क्या?
इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी, जहां अंतिम फैसला आएगा कि असली विधायक कौन रहेगा।
क्यों है ये फैसला खास?
यह फैसला सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ी कानूनी और सियासी जंग का संकेत है। फिलहाल मल्होत्रा की कुर्सी बच गई है, लेकिन पूरी ताकत के साथ नहीं।