भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने फैसलों के साथ-साथ अपने हाजिरजवाब अंदाज के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में भोपाल में आयोजित 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के कार्यक्रम में सीएम का एक अलग ही रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने हंसी-मजाक में ही अधिकारियों और नेताओं की 'क्लास' ले ली।
क्या था पूरा माजरा?
कार्यक्रम काफी लंबा चल रहा था और हॉल में बैठे लोग थकान महसूस कर रहे थे। जैसे ही सीएम को संबोधन के लिए आमंत्रित किया गया, वे अपनी कुर्सी से उठे। प्रोटोकॉल के मुताबिक मंच पर मौजूद दिग्गज तो खड़े हो गए, लेकिन नीचे बैठे कई अफसर और जनप्रतिनिधि अपनी कुर्सियों से टस से मस नहीं हुए। सीएम ने इस स्थिति को भांप लिया और माइक संभालते ही चुटकी ली। उन्होंने मुस्कराते हुए कहा— "एक बार सभी उठकर फिर से बैठ जाएं, बहुत देर हो गई बैठे-बैठे।"
गूंज उठे ठहाके, मिल गया बड़ा संदेश
सीएम की यह बात सुनते ही एक पल के लिए सन्नाटा पसर गया, लेकिन जैसे ही लोगों को माजरा समझ आया, पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। आनन-फानन में सभी अफसर और नेता अपनी जगह पर खड़े हुए और फिर वापस बैठे। इस घटना के पीछे दो गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं: जो अधिकारी और नेता सुस्त पड़ गए थे, उन्हें सीएम ने अनुशासन का पाठ पढ़ा दिया कि 'राजा' के खड़े होने पर सजग रहना जरूरी है। सीएम ने लंबे समय से बैठे लोगों की थकान को समझते हुए उन्हें स्ट्रेचिंग (शरीर सीधा करने) का मौका दिया, जिससे माहौल हल्का-फुल्का हो गया। "कहते हैं कि मोहन यादव के राज में सिर्फ फाइलें ही नहीं दौड़तीं, बल्कि सुस्त बैठे अफसरों को भी पल भर में खड़ा होना पड़ता है। भोपाल के इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया।"