सागर/दिल्ली। 
उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश के सागर जिले के बहुचर्चित बरौदिया नोनागिर हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने के आदेश दिए हैं। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने राज्य सरकार की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए यह फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला खुरई विधानसभा क्षेत्र के बरौदिया नोनागिर गांव के एक दलित परिवार से जुड़ा है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में परिवार के तीन सदस्यों की जान जा चुकी है। विवाद के चलते नितिन अहिरवार की हत्या कर दी गई।
मृतक नितिन के चाचा राजेंद्र अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। अगले दिन मुख्य गवाह और नितिन की बहन अंजना अहिरवार की एम्बुलेंस से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर आरोप 
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इन हत्याओं के पीछे पूर्व गृह मंत्री और स्थानीय विधायक भूपेंद्र सिंह का हाथ है। परिवार का दावा है कि उन्हें केस वापस लेने के लिए 2 करोड़ रुपये का लालच दिया गया और लगातार प्रताड़ित किया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अब CBI इसकी निष्पक्ष जांच करेगी।
कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों ने दलील दी कि राज्य पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर पा रही है क्योंकि इसमें सत्ताधारी दल के प्रभावशाली नेता शामिल हैं। लगभग 45 मिनट चली बहस के बाद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया।