भोपाल । 
मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों पारा सातवें आसमान पर है। गलियारों में चर्चा आम है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट का 'शुद्धिकरण' करने जा रहे हैं। खबर है कि चैत्र नवरात्रि के शुभ मुहूर्त में मोहन कैबिनेट का विस्तार और फेरबदल किया जा सकता है, लेकिन यह विस्तार कई दिग्गजों के लिए 'विदाई संदेश' भी ला सकता है।
दिल्ली में 'सीक्रेट' मंथन, भोपाल में धड़कनें तेज इस पूरे ऑपरेशन की पटकथा दिल्ली में लिखी जा चुकी है। हाल ही में सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। लेकिन असली 'खेला' तब हुआ जब मुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक सीक्रेट मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि इस गुप्त बैठक में उन नामों पर मुहर लग गई है जिन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाना है और जिन्हें 'लाल बत्ती' सौंपी जानी है।
इन समीकरणों पर गिरेगी गाज और खिलेगी किस्मत:
 5 मंत्रियों की छुट्टी

परफॉर्मेंस और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर 5 मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी खतरे में है। इनमें कुछ 'बड़े सूरमा' भी शामिल हैं जिनके नाम चौंका सकते हैं।  मिशन 2028 और सामाजिक संतुलन को देखते हुए किसी कद्दावर आदिवासी चेहरे को कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय है। जानकारों की मानें तो चैत्र नवरात्रि के दौरान ही नई टीम का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।

सियासी गलियारों का तंज: "दिल्ली से लौटने के बाद कई मंत्रियों की रातों की नींद उड़ गई है। अब देखना यह है कि नवरात्रि में किसे 'शक्ति' मिलती है और किसकी 'सत्ता' की बलि चढ़ती है।"